कनाडा सरकार के एक मंत्री ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कनाडा की धरती पर सिख अलगाववादियों को निशाना बनाने की साजिश के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य व्यक्ति हैं। बता दें कि कनाडा पहले भी इसी तरह के आरोप भारत पर लगा चूका है और बारात ने सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुए किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।
अखबार वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक कनाडाई अफसरों ने आरोप लगाया था कि कनाडा में सिख सेपरेटिस्टों को निशाना बनाकर हिंसक अभियान के पीछे भारत के गृहमंत्री अमित शाह का हाथ है। कनाडा के डिप्टी फॉरिन मिनिस्टर डेविड मॉरिसन ने मंगलवार को एक पार्लियामेंटरी पैनल से कहा कि उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि साजिश के पीछे अमित शाह का हाथ है।
मॉरिसन ने समिति को बताया, पत्रकार ने मुझे फोन किया और पूछा कि क्या यह (शाह) वह व्यक्ति है। मैंने पुष्टि की कि यह वही व्यक्ति है। ओटावा में इंडियन हाई कमीशन और इंडियन फॉरिन मिनिस्ट्री ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। सिख सेपरेटिस्ट भारत से अलग होकर खालिस्तान की मांग कर रहे हैं। ’80 और ’90 के दशक में भारत में विद्रोह ने हजारों लोगों की जान ले ली थी।
अक्टूबर के मध्य में नई दिल्ली ने कनाडा से अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया, जिन्होंने उन्हें कनाडा की धरती पर 2023 में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ा था। भारत ने कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित करने का भी आदेश दिया।
भारत द्वारा विदेशी धरती पर सिख सेपरेटिस्टों को कथित तौर पर निशाना बनाने का अकेला उदाहरण नहीं है। अमरीका ने एक पूर्व रॉ एजेंट विकास यादव पर न्यूयॉर्क शहर में सिख सेपरेटिस्ट नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश का कथित तौर पर गाइड करने का आरोप लगाया है, जो एक अमेरिकी-कनाडाई दोहरी नागरिकता वाला नागरिक है। पन्नू भारत द्वारा नामित आतंकवादी है।

