शनिवार रात करीब 11.35 बजे सी-17 विमान से अमरीका में रह रहे 116 अवैध अप्रवासियों को अमरीका ने भारत डिपोर्ट किया। संयोग से अमरीका दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी भी कल रात ही वापस आये. कार्रवाई के तहत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा निर्वासित किए जाने वाला भारतीयों का दूसरा जत्था था। चूँकि भारत के प्रधानमंत्री और अमरीकी प्रेजिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के बेहद करीबी दोस्त नरेंद्र दामोदर मोदी अमरीका के दौरे पर थे इसलिए उम्मीद की जा रही थी कि पिछली बार की तरह शायद इसबार डिपोर्ट भारतियों के हाथ पैर बेड़ियों और हथकड़ियों से जकड़े नहीं होंगे लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं हुआ. दूसरे बड़े में लौटे लोगों को भी पहले बड़े की तरह हाथों में हथकड़ियां और पैरों में बेड़ियाँ डालकर ही भेजा गया. यह जानकारी अमरीका से डिपोर्ट किये लोगों ने ही मीडिया को दी है.
अमरीका से डिपोर्ट किये गए दलजीत सिंह ने रविवार को दावा किया कि यात्रा के दौरान उन्हें हथकड़ी लगाई गई और उनके पैरों में जंजीरें बांधी गईं। उन्होंने होशियारपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि हमारे पैरों में जंजीरें थीं और हाथों में भी हथकड़ी लगाई गई थी। इ कुराला कलां गांव के निवासी दलजीत सिंह उन 116 अवैध भारतीय प्रवासियों में शामिल थे, जिन्हें शनिवार रात अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरे अमेरिकी विमान से वापस लाया गया।
शनिवार रात करीब 11.35 बजे उतरा सी-17 विमान अवैध अप्रवासियों पर कार्रवाई के तहत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा निर्वासित किए जाने वाला भारतीयों का दूसरा जत्था था। पंजाब से आए निर्वासित लोगों को आव्रजन और पृष्ठभूमि जांच के बाद रविवार सुबह करीब 4.30 बजे पुलिस वाहनों में उनके घरों तक पहुंचाया गया। हरियाणा सरकार ने राज्य से निर्वासित लोगों के लिए परिवहन की व्यवस्था भी की।
निर्वासित लोगों के नए बैच में से 65 पंजाब से, 33 हरियाणा से, आठ गुजरात से, दो-दो उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान से तथा एक-एक हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से हैं। उनमें से अधिकांश 18 से 30 वर्ष की आयु के हैं।

