मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले मनमोहन सरकार पर डॉलर के मुकाबले रूपये में आयी गिरावट पर सवाल पूछा था कि आखिर क्या वजह है कि रुपया इतना पतला होता जा रहा है लेकिन शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी दिन डॉलर के मुकाबले रुपया 48 पैसे टूटकर अपने सर्वकालिक निम्न स्तर पर पहुंच गया. तब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने कहा था कि मैं शासन में बैठा हूँ, मुझे मालूम है कि रुपया इस तरह नहीं गिर सकता, नेपाल का रुपया नहीं गिर रहा है, पाकिस्तान का रुपया नहीं गिर रहा है, बांग्लादेश की करेंसी नहीं गिर रही है तो आखिर क्या कारण है कि भारत का रुपया लगातार पतला होता जा रहा है, देश को इसका जवाब देना होगा।
आज कांग्रेस पार्टी मोदी जी का वही पुराना वीडियो शेयर करके पूछ रही है कि रुपया फिर गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. कांग्रेस ने पूछा मोदी जी बताइये आखिर क्या कारण है कि रुपया पतला होता जा रहा है? बता दें कि करेंसी मार्किट में एक डॉलर के मुकाबले 83.61 रुपए का पेमेंट करना पड़ रहा है. बता दें कि जब देश की करेंसी में गिरावट आती है तो उसके बड़े दूरगामी नतीजे देखने को मिलते हैं। सबसे ज़्यादा असर पेरोलियम पदार्थों पर पड़ता है। चूँकि इस समय देश में चुनाव चल रहा है इसलिए पेट्रोल डीज़ल के दामों में मामूली से कमी की गयी है लेकिन रूपये में इस तरह की गिरावट का मतलब है कि चुनाव के बाद पेट्रोल डीज़ल के दामों में बढ़त आना लाज़मी है।
हालाँकि रूपये में गिरावट की अपनी वजहें बताई जा रही हैं, कहा जा रहा है कि सिर्फ रुपया ही नहीं बल्कि इंटरबैंक करेंसी एक्सचेंज पर दूसरी एशियाई करेंसीज भी कमज़ोर हुई हैं. ये भी वजह बताई जा रही है कि विदेशी फंड्स भारत के बाज़ार से पैसा निकाल रहे हैं इसलिए भी रूपये को लेकर धारणा पतली हुई है. कुछ इसी तरह की बातें 2014 से पहले कांग्रेस पार्टी भी कहती थी लेकिन तब मोदी जी कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं थे और आज कांग्रेस पार्टी भी उनपर उसी तरह हमले कर रही है.

