लखनऊ/बलिया। यूपी बोर्ड परीक्षा पेपर लीक कांड में जेल भेजे गये बलिया के पत्रकारों के समर्थन में पूरा शहर आ गया है। शनिवार को पत्रकारों की ओर से बुलाये गये बंद का असर पूरे बलिया में दिखाई दिया।
बलिया के सभी बाजार पूरे दिन बंद रहे। बंद के समर्थन में आये लोगों की मांग है कि इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और असल दोषियों को जेल भेजा जाए। साथ ही बलिया के डीएम और एसपी को दोषी मानते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
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युवा छात्रनेता सौरभ सिंह ने कहा कि बलिया में पत्रकारों के साथ जो हुआ है, वह बेहद निंदनीय है। क्या अब अपने कार्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करना गुनाह हो गया है। पत्रकारों ने तो सिर्फ खबर लिखी थी।
उन्होंने तो सच बताया था जो उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन, अफसोस कि असल दोषियों को पकड़ने के बजाय बलिया के जिला प्रशासन ने पत्रकारों को ही जेल भेज दिया। अगर इसका विरोध नहीं किया गया तो एक गलत परिपाटी बन जाएगी। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो गया है कि सरकार को सच बताया जाए।
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सौरभ सिंह ने कहा कि हमने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की है। बलिया ने अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ सिर्फ इसी बिगुल बजाया था कि वह हमारी स्वतंत्रता और अधिकारों का हनन कर रहे थे। अब इस तरह होता रहा तो हमने अभी सिर्फ बलिया को बंद कर ताकत दिखाई दी है, आगे जरूरत पड़ी तो सड़क पर भी उतरेंगे। उन्होंने पत्रकारों को तत्काल रिहा किये जाने की मांग की है।
