अमित बिश्नोई
यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल के कल रात हेलीकॉप्टर से अचानक दिल्ली जाने ने एक बार फिर इस बात को हवा दे दी है कि तूफ़ान के बाद शांत दिख रही भाजपा में अंदर ही अंदर लहरें हिलोरे मार रही है. कुछ दिनों पहले सत्ता और संगठन में जो घमासान मचा हुआ था वह अभी ख़त्म नहीं हुआ है.
आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले लखनऊ आए फिर उनके बाद भाजपा राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष लखनऊ आए और मंत्रियों के साथ बैठक कर सरकार के कामकाज की फाइल तैयार की। फ़ाइल दिल्ली पहुंची और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिल्ली में तलबी हुई, पीएम मोदी, अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष नड्डा से मुलाकात हुई. बताया गया योगी जी मार्गदर्शन लेने गए थे और सब चंगा सी कहते हुए लखनऊ वापस आ गए. पार्टी की ओर से यह जताने की पूरी कोशिश की गयी कि सबकुछ सुलझ गया है मगर कल रात हेलीकाप्टर की उड़ान ने एकबार फिर सियासी हवाओं को उड़ान देना शुरू कर दिया।
यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल दिल्ली में और लखनऊ में भाजपा के अंदर जारी बैठकों में क्या बातचीत हो रही हैं यह अभी रहस्य ही बना हुआ है। लेकिन जिस प्रकार से क्रियाकलाप चल रही है, उससे तो साफ है कि भाजपा में सब कुछ सही नहीं है।
अब एक नज़र भाजपा के शीर्ष नेताओं के बयानों पर, दिल्ली से लौटे प्रदेश अध्यक्ष कासगंज दौरे पर पहुंचे और वहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। वहीं उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य का कहना है कि यूपी में सीएम चेहरा कौन होगा यह केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि अगर भाजपा में सब कुछ सही चल रहा है तो नेताओं के बयानों में विरोधाभास क्यों और रात के अँधेरे में हेलीकॉपटर से एमरजेंसी उड़ान क्यों?

