मेरठ। उप्र में भाजपा को सत्ता में वापसी से रोकने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (SP President Akhilesh Yadav) पिछले एक साल से पूरी मेहनत के साथ जुटे हुए थे। जातियों का गठजोड़ बनाया और छोटी पार्टियों को भी एकत्र किया। लेकिन उनके काम कुछ नहीं आया। सपा बुरी तरह से चुनाव हारी और सत्ता के लिए बहुमत के जादुई आंकड़े से काफी पहले ही औंधे मुंह गिर गई। हालांकि सपा ने पिछले चुनाव 2017 से बेहतर प्रदर्शन इस बार 2022 में किया। लेकिन सरकार बनाने में नाकाम रही।
चुनावी हार के बार चुप्पी साधे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav Statement) ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि उन्होंने यह दिखा दिया है कि भाजपा की सीटें कम भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा पतन जारी है। भाजपा और उसके नेताओं की गलतफहमी आधी तो दूर हो चुकी है बाकी बची हुई आने वाले चुनाव 2024 में दूर हो जाएगी। उन्होंने एक बार फिर जोर देकर कहा कि आम चुनाव में भाजपा की बहुत दुर्गति होने वाली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मतदाताओं ने सपा पर जो भरोसा जताया है वे उसको टूटने नहीं देंगे। प्रदेश की जनता के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। बता दें कि सपा ने इस बार विधानसभा चुनाव में 403 में से 111 सीटों पर विजय हासिल की है। जबकि सत्तारूढ भाजपा को 255 सीटें मिली हैं।

