- सपा प्रमुख ने कहा, इतना अत्याचार तो अंग्रेजों ने भी नहीं किया
- कहा, पुलिस ने खुद अपनी गाड़ी में लगाई है आग
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लखीमपुर खीरी जाने से रोकने के लिये पुलिस ने उनके आवास के बाहर घेरा बना लिया था। इसके विरोध में अखिलेश यादव अपने आवास से निकलकर धरने पर बैठ गये। पुलिस ने अखिलेश यादव को हिरासत में लेकर अपनी गाड़ी में बैठाया तो सपाईयों का आक्रोश भड़क गया। गुस्साये सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। ताजा जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव प्रोफेसर रामगोपाल यादव को पुलिस को गार्डन की तरफ लेकर जा रही है।

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हिरासत में लिये जाने से पहले धरने पर बैठे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मौर्य को तुरंत इस्तीफा देना चाहिये। पुलिस द्वारा खुद ही अपनी गाड़ी में आग लगाये जाने की बात कहते हुए अखिलेश यादव ने इसे आंदोलन को कमजोर करने की साजिश बताया। पुलिस कार्रवाई से खफा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा की किसानों पर इतना अत्याचार तो अंग्रेजी हुकुमत ने भी नहीं किया था। उन्होंने लखीमपुर हिंसा में मृतकों के परिजनों को दो करोड़ रुपये बतौर मुआजवा देने की मांग की।
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लखीमपुर हिंसा मेंचार किसान, एक पत्रकार समेत पांच अन्य की मौत के बाद से उत्तर प्रदेश का सियासी पारा गरमा गया है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा समेत तमाम दलों के बड़े नेता लखीमपुर खीरी जाना चाह रहे हैं। पुलिस ने एक ओर जहां कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को गिरफ्तार किया है वहीं अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी पुलिस की हिरासत में हैं। वहीं भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद व सुबह आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह को भी हिरासत में लिया गया है। प्रगतिशील समाजवादी चीफ शिवपाल यादव, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद और आराधना मिश्रा के घरों के बाहर भी पुलिस ने डेरा डाल दिया है और उनको घर से निकलने नहीं दिया जा रहा।

