लखनऊ। आज राजधानी में आयोजित सपा के प्रांतीय और राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन अखिलेश यादव को फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके बाद अखिलेश ने भाजपा और केंद्र के अलावा प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता ने सपा को अपना वोट दिया था। लेकिन ईवीएम ने आपसे यह अधिकार छीन लिया। हमारी शिकायतों पर निर्वाचन आयोग ने कोई ध्यान नहीं दिया। अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद सपा के अधिवेशन में आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव पेश हुए। सपा के कद्दावर नेता अंबिका चौधरी ने अधिवेशन में सपा के राजनैतिक-आर्थिक प्रस्तावों को पेश किया। जिसमें कई बातों का जिक्र किया। जहां भाजपा पर सीधा हमला बोला तो वहीं दूसरी ओर आर्थिक मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
जिन मुददों पर अधिवेशन में चर्चा हुई उनमें चुनाव की निष्पक्षता को कलंकित करने में भाजपा को आगे बताया गया है।
– सरकार के संरक्षण में नफ़रत का जहर देश में फैलाया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अप्रभावी बनाने काम चल रहा है। निरंकुशता से जनतंत्र का गला घोटा जा रहा है। फासीवाद की राष्ट्र पर नियंत्रण करने की कोशिश शुरू हो चुकी है।
– देश में अघोषित आपातकाल जैसी हालात है। ये स्थित वन लीडर, वन पार्टी की तरफ बढ़ने का खतरनाक संकेत है।
– समाजवादी पार्टी विशेष अवसर के सिद्धांत के आधार पर आरक्षण व्यवस्था जारी करने की पक्षधर है। भाजपा की मानसिकता इसे समाप्त करना है।
– तीन साल में पहली बार बैंको के पास नकदी हुई कम, बैंक आरबीआई से ले रहे लोन।
– आम जनता महंगाई, बेरोजगारी से परेशान। केंद्र सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे।
– दुनिया के सबसे अमीर आदमी की दौलत में 116 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी। बाकी देश में गरीबी बढ़ गई।
– बिटकॉइन के माध्यम से कलाधन जुटाया जा रहा है। जबकि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुकाबले देश की उद्योग को बढ़ावा देने की नीति होनी चाहिए।
– प्रधानमंत्री की सभी योजनाएं नमामि गंगे, स्किल इंडिया, स्मार्ट सिटी, बुलेट ट्रेन काशी को टोक्यो बनाने की फेल।
– सरकार जमाखोरों और मुनाफाखोरों को सरकार का संरक्षण।
– भाजपा सरकार ने मंडी व्यवस्था को बर्बाद कर दिया।
– नौजवानों को भ्रमित करने के लिए सरकार ने अग्निवीर योजना शुरू की। जिससे नौजवानों का भविष्य अंधकार में होगा।

