समाजवादी पार्टी विपक्षी गठबंधन इंडिया अलायन्स का मज़बूत हिस्सा है. गठबंधन में सीट शेयरिंग की बातें अभी बड़े लेवल पर नहीं चल रही हैं, मीडिया अपने तौर पर आंकलन करके इंडिया गठबंधन के बारे में खबरे चला रहा है , ज़्यादातर मीडिया हाउस सीट शेयरिंग को लेकर सिर फुटव्वल की बात कर रहे हैं , इन मीडिया हॉउसों को अखिलेश यादव की सरगर्मियों से भी बल मिल रहा है, सपा प्रमुख ने आज जिला एवं महानगर अध्यक्षों की बैठक में लोकसभा चुनावों की तैयारियों का जायज़ा लिया वहीँ व्हाट्सएप्प पर कार्यकर्ताओं से क्षेत्र के जिताऊ उम्मीदवारों के नाम मांगे हैं।
अखिलेश यादव इन दिनों संगठन को लेकर काफी सक्रीय हैं, वो लोकसभा और विधानसभा के लगातार चुनाव हार रहे हैं, चुनावों के दौरान तरह तरह के गठबंधन भी आज़मा चुके हैं लेकिन इस बार जिस गठबंधन की बात है उसमें पूरी तरह से अखिलेश की मर्ज़ी चलेगी इसमें खुद अखिलेश को ही संदेह है और इसीलिए वो उम्मीदवारों के नामों के एलान में बाज़ी मारना चाहते हैं ताकि बाद में बार्गेनिंग करने में आसानी हो.
आज की बैठक में अखिलेश ने भाजपा पर जमकर हमले किये और कहा कि उसकी जनविरोधी नीतियों के चलते उसे आने वाले लोकसभा चुनाव में जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा. अखिलेश ने भाजपा पर मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो जानबूझकर इस तरह के मुद्दे उछालती है जिससे लोगों का ध्यान मंहगाई, अपराध बेरोज़गारी, महिला सुरक्षा और किसानों की उपेक्षा पर न जाय. अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्हें संगठन पर पूरा भरोसा है। आने वाले लोकसभा चुनाव में बूथस्तर पर कर्मठ कार्यकर्ताओं को चिन्हित करके बड़ी ज़िम्मेदारी दी जाएगी। अखिलेश ने कहा कि पार्टी की कामयाबी मज़बूत संगठन पर निर्भर करती है, उन्हें पार्टी के कार्यकर्ताओं और संगठन पर पूरा भरोसा है कि आने वाले आम चुनाव में केंद्र से भाजपा सरकार को हटाने में सपा एक मुख्य भूमिका निभाएगी।

