राज्यसभा चुनाव के लिए आज हो रही वोटिंग में महाराष्ट्र से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के दो विधायक कांग्रेस उम्मीदवार इमरान प्रतापगढ़ी को वोट करेंगे। इस बात की जानकारी महाराष्ट्र AIMIM के अध्यक्ष इम्तियाज़ जलील ने ट्विटर के ज़रिये दी। उन्होंने बताया है कि शिवसेना से वैचारिक मतभेद के बावजूद पार्टी ने महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के उम्मीदवार की मदद करने का निर्णय लिया है और साथ ही कुछ शर्तें भी सरकार के सामने रखी हैं।
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महाराष्ट्र में कांग्रेस उम्मीदवार को मदद कर ओवैसी दरअसल एक तरफ यह जाताना चाह रहे हैं कि वह भाजपा के कट्टर विरोधी हैं वहीँ शिवसेना की सीधे तौर पर मदद न करके वह यह भी साबित करना चाह रहे हैं कि हिंदुत्व का झण्डा बुलंद करने वाली पार्टी के साथ वो नहीं नहीं हैं, हालाँकि कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार में है. तीसरे वह कांग्रेस की नहीं बल्कि एक मुस्लिम उम्मीदवार को वोट कर मुस्लिम हितैषी होने का दांव खेलना चाह रहे हैं।
सच बात तो यह हैं कि कांग्रेस के पास पहले ही सरप्लस वोट हैं, जीत के लिए 42 वोटों की ज़रुरत है और कांग्रेस पार्टी के पास 44 वोट हैं, एनसीपी को भी AIMIM की मदद की ज़रुरत नहीं है क्योंकि उसके पास भी 52 वोट हैं, उसके पास भी 10 वोट सरप्लस हैं, यह अलग बात हैं कि इन 10 में से 2 नहीं पड़ पाएंगे क्योंकि नवाब मलिक और अनिल देशमुख अभी जेल में बंद हैं और कैदियों को वोट डालने का अधिकार नहीं होता, हालाँकि अदालत में जाकर इस बात कि भरपूर कोशिश हो रही कि इन दोनों को वीते देने की इजाज़त मिल जाय।
अब कांग्रेस और एनसीपी के बचे हुए वोट शिवसेना के तीसरे उम्मीदवार को जाने हैं, AIMIM ने कांग्रेस को वोट देने का एलान कर एक तरह से शिवसेना की मदद है, अब कांग्रेस के दो की जगह चार वोट शिवसेना के तीसरे उम्मीदवार संजय पवार को मिल सकते हैं जिनका मुकाबला भाजपा के धनंजय महादिक से है , इसे एकतरह से नवाब मालिक और अनिल देशमुख के नुक्सान की भरपाई भी कह सकते हैं।

