RBI MPC Meeting : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में लिए गए फैसलों के बाद में आज आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने जानकारी दी। एक ओर जहां आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट में कोई वृद्धि नहीं की गई है। रेपो रेट को स्थिर रखा गया है। वहीं उन्होंने नई मौद्रिक नीति की घोषणा की। इस बैठक के बाद repo Rate स्थिर बनाए रखने का फैसला किया है। वहीं यह भी कहा कि इस बार भी लोन की ईएमआई में किसी प्रकार की कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सब्जियों और टमाटर की बढ़ी कीमतों के कारण खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़कर 5.4 प्रतिशत हो गया है। बता दें कि 8 से 10 अगस्त तक मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक हुई थी। बैठक में लिए फैसलों के बार आज नई मौद्रिक नीति का ऐलान किया गया। एमपीसी की बैठक में फिर रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला लिया है। रेपो रेट स्थिर रहने से इसका असर लोन की ईएमआई पर भी पड़ेगा। लगातार ये तीसरा मौका है जब रेपो रेट में कोई अंतर नहीं किया गया है। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किए जाने से लोन ईएमआई दरों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। यानी लगातार तीसरी बार लोन की ईएमआई दरें भी स्थित ही हैं।
लगातार तीसरी बार है जब एमपीसी ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और लोन की ईएमआई दरें भी ज्यों की त्यों हैं। इससे पहले April और June तिमाही में भी MPC बैठक में Repo Rate स्थिर रखा था। एक बार फिर से गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा कि फिलहाल रेपो रेट 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रहेगा। बता दें कि 6 सदस्य वाली एमपीसी के सामने रेपो रेट और देश में बढ़ रही महंगाई, अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे थे। जिसके मद्देनजर बैठक काफी महत्वपूर्ण थी।
आखिरी बार कब हुआ बदलाव?
आरबीआई ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेपो रेट में बदलाव किया। फरवरी में एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25 फीसद बढ़ाने का फैसला किया था। फरवरी 2023 में रेRepo Rate में बदलाव को मिलाकर May 2022 से Feb 2023 तक Repo Rate में 250 आधार अंक 2.5% बढ़ोतरी की गई है। हेडलाइन CPI मुद्रास्फीति मई 2023 में 4.3 प्रतिशत से बढ़कर जून 2023 में 4.8 प्रतिशत हो गई है। जिसका कारण सब्जियों, अंडे, मांस, मछली, अनाज, दालों और मसालों की कीमतों में आई तेजी है।

