कैब सर्विस प्रोवाइड करने वाली अंतर्राष्ट्रीय कंपनी उबर भारत में अपने कारोबार से खुश नहीं है. कंपनी के सीईओ दारा खोसरोशाही ने खुले आम इस बात को कहा है कि भारत में उनकी कंपनी के कारोबार करना सबसे चैलेंजिंग रहा है लेकिन अब लगता है कि उबर की परेशानियां ख़त्म होने वाली हैं क्योंकि उबर में देश के जाने माने उद्योगपति गौतम अडानी ने दिलचस्पी दिखाई है और कहा जाता है कि अडानी ग्रुप जिस बिजनेस में हाथ डाल दे उसमें कामयाबी का प्रतिशत सौ होता है. कम से कम पिछले दस सालों से तो यही होता आ रहा है। इन दस बरस में अडानी फर्श से अर्श पर पहुँच चुके हैं.
दरअसल इस बात को तब बल मिला जब गौतम अडानी ने अपने सोशल मीडिया पलेटफोर्म पर उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही से मुलाकात की एक फोटो शेयर की और दारा खोसरोशाही की तारीफ करते हुए लिखा कि भविष्य में दारा की टीम के साथ उनकी टीम सहयोग के लिए काफी उत्साहित है। कुछ ऐसा ही रिएक्शन दारा खोसरोशाही की तरफ उनके सोशल मीडिया पलटफोर्म से आया जिसमें भविष्य की योजनाओं की बात कही गयी.
दारा ने अडानी की एक्स पोस्ट के रिप्लाई में दोनों के बीच हुई बातचीत को बहुत शानदार बताया और लिखा कि उबर EVs में बदलाव को तेज करने और साझा गतिशीलता को बढ़ाने को बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्ध है. दारा ने लिखा कि अडानी ग्रुप के साथ साझेदारी आगे ले जाने के लिए तत्पर है. कहा जा रहा अडानी और दारा के बीच ये मुलाकात अहमदाबाद में अडानी ग्रुप के हेडक्वार्टर में हुई है.

