नोएडा। जिले के सेक्टर 30 स्थित जिला अस्पताल में उस समय सनसनी फैल गई, जब देर रात पेट दर्द का इलाज कराने आई युवती ने अस्पताल के शौचालय में एक बच्चे को जन्म दे दिया। बच्चे की रोने की आवाज सुनकर वार्ड की महिला सुरक्षा गार्ड और स्वास्थ्यकर्मी शौचालय में पहुंचे और नवजात और छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया। जच्चा व बच्चा की हालत में सुधार होने के बाद दोनों को डिस्चार्ज कर दिया। जिला हॉस्पिटल के सीएमएस डॉ विनीता अग्रवाल ने बताया कि रात तीन बजे के करीब एक युवती मां और भाई के साथ अस्पताल पेट में दर्द की शिकायत को लेकर आई। उसे जाँच के लिये स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास भेजा। इस दौरान युवती का दर्द बढ़ गया तो परिजन उसे शौचालय में ले गए। जहां उसने प्रसव पीड़ा के दौरान एक लड़के को जन्म दिया। युवती और उसके परिजनों ने बात छुपाने की कोशिश की।
लेकिन नवजात के रोने की आवाज आने पर बगल के ओपीडी वार्ड में तैनात महिला सुरक्षा गार्ड, स्वास्थ्यकर्मी शौचालय में पहुंचे। उन्होंने मां और नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने दोनों का इलाज किया। हालत में सुधार होने के बाद दोनों को डिस्चार्ज कर दिया। सीएमएस डॉ विनीता अग्रवाल ने बताया की डिलीवरी के बाद युवती को अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन युवती और उसके परिवार वाले सही पता देने से इंकार करते रहे। जब कड़ाई से पूछताछ की तो युवती का आधार कार्ड दिखा कर पते की जानकारी दी। सीएमएस डॉक्टर विनीता का कहना है कि इसकी सूचना सेक्टर 20 कोतवाली पुलिस को दी गई। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि उनको ऐसी कोई सूचना अब तक नहीं मिली है। अगर सूचना मिलेगी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

