गुजरातियों को न तो मुफ्तखोरी पसंद है और न ही मुफ्तखोरी की बातें करने वाले और लोगों को मुफ्तखोर बनाने वाले लोग। सन्दर्भ तो आप समझ ही गए होंगे कि किसके लिए यह बातें कही गयी होंगी। जी हाँ गुजरात में घुसपैठ की कोशिश कर रहे AAP संयोजक केजरीवाल के लिए। यहीं नहीं बल्कि उन्हें महाठग, मानसूनी मेढक जैसी उपमाओं से विभूषित किया गया। बता दें कि केजरीवाल पर इतना घातक प्रहार गुजरात भाजपा अध्यक्ष सी आर पाटिल की ओर से किया गया है। हाल के दिनों में जब से गुजरात में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां शुरू हुई हैं भाजपा की तरफ से आम आदमी पार्टी पर यह सबसे बड़ा हमला है।
पाटिल के इस आक्रामक बयान से ऐसा लग रहा है कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने केजरीवाल को जानकारी देते हुए कहा कि गुजराती कर्म में विश्वास रखते हैं, उन्हें अपनी मेहनत पर यक़ीन है, वह हाथ फैलाकर मांगने में नहीं बल्कि हाथ बढ़ाकर देने में विश्वास रखते हैं, इसलिए यहाँ के लोग आपके “मुफ्त” वाले झूठ के झांसे में फंसने वाले नहीं क्योंकि उन्हें मुफ्तखोरी पसंद नहीं। पाटिल कडोदरा में एक कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे जहाँ उन्होंने केजरीवाल का नाम लिए बिना उन्हें महाठग और मानसूनी मेढक तक बताया।
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पाटिल ने कार्यक्रम में कहा कि केजरीवाल जैसे लोगों में PM मोदी के अश्वमेघ यज्ञ को रोकने की क्षमता नहीं, हर चुनाव में इनके जैसे बहुतेरे आते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान अपने मुख्य विरोधी कांग्रेस पर वह ज़्यादा हमलावर नहीं हुए। दरअसल गुजरात में AAP की एंट्री से अब वहां का चुनाव धीरे धीरे काफी दिलचस्प और त्रिकोणीय होता जा रहा है।
11 मई को केजरीवाल एकबार फिर गुजरात जाकर चुनावी रैली और रोड शो करेंगे। इतनी सक्रियता के बाद सत्ताधारी पार्टी का बेचैन होना लाज़मी है। दिल्ली के बाद AAP पंजाब में चमत्कार दिखा ही चुकी है ऐसे में सी आर पाटिल का केजरीवाल पर हमलावर होना तो बनता ही है।

