नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी के घर (एंटीलिया) के पास से जिलेटिन की छड़ों से लदी स्कॉर्पियो कार बरामदगी मामले में गिरफ्तार मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को 25 मार्च तक के लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया गया है। वाजे को शनिवार देर रात एनआईए ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था।
एनआई ने मांगी थी 14 दिनों की कस्टडी
एनआई ने कोर्ट से 14 दिनों की कस्टडी मांगी थी जिसके बाद अदालत ने सचिन वाजे को 25 मार्च तक के लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया। एनआईए ने कहा कि यह एक बड़ी साज़िश है, जिसमें कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। सचिन वाजे को हर उस व्यक्ति के साथ आमना सामना कराना है, जिस व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है।
स्कॉर्पियो में संलिप्त होने का आरोप
एनआईए ने सचिन वाजे को 25 फरवरी को विस्फोटकों से भरा वाहन खड़ा करने में भूमिका निभाने और इसमें संलिप्त रहने का आरोप लगाया है। बता दें कि कार्माइकल रोड स्थित मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास खड़ी एक स्कॉर्पियो कार में 25 फरवरी को जिलेटिन की कुछ छड़ें और एक धमकी भरा पत्र मिला था। ठाणे स्थित व्यवसायी मनसुख हिरन की रहस्यमय मौत के बाद मामला एनआईए को सौंप दिया गया था, जिन्होंने दावा किया था कि वाहन एक सप्ताह पहले चोरी हो गया था। बाद में उनका शव 5 मार्च को ठाणे के एक नाले में मिला था।
वाज़े का एसयूवी उपयोग से इंकार
हिरण की पत्नी ने दावा किया था कि उसके पति ने नवंबर में वाजे को एसयूवी दी थी, जिसे अधिकारी ने फरवरी के पहले सप्ताह में लौटा दिया था। एटीएस द्वारा अपने पूछताछ के दौरान, वाजे ने उस एसयूवी का उपयोग करने से इनकार कर दिया था जो हिरन के कब्जे में थी। वाजे ने शुक्रवार को एक अर्जी दाखिल कर गिरफ्तारी से पहले जमानत मांगी थी। उनके वकील ए एम कालेकर ने अदालत से अनुरोध किया था कि वे वाजे को गिरफ्तारी से इस आधार पर सुरक्षा प्रदान करें कि वह जाँच में सहयोग कर रहे थे। हालांकि, अतिरिक्त सरकारी वकील विवेक काडू ने इसका विरोध किया और तर्क दिया कि मामले की जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है।

