सरकार समझ ले, किसान को औलाद से भी अधिक प्यारी होती है ज़मीन: राकेश टिकैत

फीचर्डसरकार समझ ले, किसान को औलाद से भी अधिक प्यारी होती है...

Date:


सरकार समझ ले, किसान को औलाद से भी अधिक प्यारी होती है ज़मीन: राकेश टिकैत

जबलपुर : भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कृषि कानूनों को लेकर एकबार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है, टिकैत ने आज कहा कि इन कानूनों की आड़ में किसानों को तबाह करने के लिए जो षडयंत्र रचा गया है, उसे वे सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन किसी कारपोरेट घरानों को नहीं देने वाले हैं।

औलाद से भी अधिक जमीन प्यारी
टिकैत मध्यप्रदेश के जबलपुर की सिहोरा तहसील स्थित कृषि उपज मंडी में किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि किसान को औलाद से भी अधिक जमीन प्यारी होती है। जीवित रहते किसान अपनी जमीन औलाद के नाम नहीं कर सकता है।

दूसरी क्रांति को भी तैयार
उन्होंने कहा कि दिल्ली में 100 दिन से आंदोलन चल रहा है और सरकार मान नहीं रही। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के खिलाफ आजादी की दूसरी क्रांति की जरूरत पड़ी, तो हम तैयार हैं।

किसान के साथ नौजवान भी जागा
महापंचायत से पहले टिकैत ने मीडिया से चर्चा में कहा कि बैरन-पोस्टर फाडने की ओछी राजनीति हम नहीं रोक सकते हैं। मध्यप्रदेश में किसानों की स्थिति ठीक नहीं है, यहां के किसानों को गुमराह कर आंदोलन में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है। किसान के साथ नौजवान भी जाग गया है। यह सब कुछ ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला है। वह अच्छी तरह से जान गया है कि कृषि कानून नुकसानदायक है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related