बगदाद। शिया धर्मगुरु मुक्तदा अलसद्र समर्थकों ने संसद भंग करने को लेकर बगदाद में उग्र प्रदर्शन किया है। इसे लेकर इराक न्यायपालिका को अपनी कार्रवाई निलंबित करनी पड़ी है। शिया मौलवी के समर्थकों ने इससे पहले बगदाद के अतिसुरक्षित ग्रीन जोन में एक रैली की और सर्वोच्च न्यायिक परिषद तथा संसद भवन के बाहर उग्र प्रदर्शन किया है। इस बीच पीएम मुस्तफा अलकदीमी ने सभी पक्षों से शांत रहने और राष्ट्रीय वार्ता की अपील दोहराई है।न्यायपालिका ने इसे देश के खराब राजनीतिक संकटों में से एक बताया। जुलाई के अंत में शिया मौलवी के समर्थकों ने संसद पर धावा बोलते हुए वहां लगातार विरोध प्रदर्शन किया था। इसे देखते हुए कार्यवाहक पीएम मुस्तफा अलकदीमी ने पिछले हफ्ते वरिष्ठ सियासी नेताओं और पार्टी प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। लेकिन अलसद्र की पार्टी ने इसमें भाग नहीं लिया था।
उन्होंने मंगलवार को एक बार फिर सिरे से बातचीत की पेशकश की थी।बगदाद में सर्वोच्च न्यायिक परिषद और संघीय सुप्रीम कोर्ट मुख्यालय के बाहर धार्मिक नेता मुक्तदा अलसद्र के समर्थक विरोध प्रदर्शन के लिए जुट रहे हैं। न्यायपालिका ने अपने बयान में कहा कि समर्थकों ने फोन पर धमकाते हुए कहा कि हम मौजूदा असांविधानिक व्यवहार के विरोध में अदालती सत्र को निलंबित कर देंगे। इस कदम का समर्थन करने वाली सरकार व सियासी दलों को सभी नतीजों के लिए जिम्मेदार ठहराएंगे। शिया मौलवी समर्थकों ने सर्वोच्च न्यायिक परिषद के बाहर तंबू गाड़ दिए और अधिकारियों से संसद भंग करने व देश में संसदीय चुनाव कराने की मांग करने लगे। उन्होंने अपने हाथ में भ्रष्टाचार से निपटने के बैनर लिए हुए थे।

