सीसीटीवी कैमरे की मिली रैम,खाली राशन कार्ड और मुकदमे के दस्तावेज
54 मिनट पहले लाशें बिछाने जा रहा विकास ने किया था फोन
अमित बिश्नोई
यूपी में पुलिसकर्मियों के जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले विकास दुबे के घर से पुलिस के वायरलेस सेट का माइक मिला है. इससे समझ में आ रहा है कि पुलिस में विकास दुबे का कैसा रसूख था. हालांकि पुलिस अभी जांच कर रही है कि अाखिर यह उस तक कैसे पहुंचा. लेकिन इससे एक बार फिर पुलिसकर्मियों पर सवाल खड़े गए हैं. वायरलेस से पुलिस के सारे कदमों की जानकारी मिल जाती है. यह एक गहन जांच का विषय बन गया है.
रैम और खाली राशन कार्ड मिले
बिकरु गांव में शुक्रवार को हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. इसके बाद जिला प्रशासन ने किलेनुमे घर को तुड़वा दिया था.बाद में दिवारों में चुनवाए हुए हथियार पुलिस को मिले.घर के अंदर 2 किलोग्राम के करीब विस्फोटक मिला था. अब पुलिस को वायरलैस सेट का माइक मिला है. साथ ही सीसीटीवी कैमरे की रैम और खाली राशन कार्ड मिले हैं. साथ ही नौकर और नौकरानी की दो अलग-अलग नाम से आईडी भी मिली है. नौकर दयाशंकर के नाम की दो आईडी और एक दयाशंकर तथा तीसरी कल्लू के नाम से आईडी मिली है. विकास दुबे की नौकरानी रेखा की भी दो आईडी पुलिस ने बरामद की है.
वारदात से 54 मिनट पहले लाशें बिछाने जा रहा विकास ने किया था फोन
सूत्रों से पता चला है कि वारदात के ठीक 54 मिनट पहले रात 12 बजकर 11 मिनट पर विकास दुबे ने चौबेपुर थाने के कांन्सटेबल राजीव चौधरी को फोन किया था. और अपशब्द कहते हुए कहा था कि पुलिस रेड करने आई तो पुलिसवालों की लाशें बिछा दूंगा लेकिन सिपाही ने यह बात अपने अफसरों को बताना मुनासिब नहीं समझा.काल डिटेल और फोन में हुई रिकॉर्डिंग से पुलिस को इस बात की जानकारी हुई. सिपाही राजीव को इसीलिए सस्पेंड किया गया है.

