लोकतंत्र है विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल तो उठेंगे ही

उत्तर प्रदेशलोकतंत्र है विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल तो उठेंगे ही

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लोकतंत्र है विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल तो उठेंगे ही

  • कानपुर आते ही क्यों अपराधी पुलिस से हथियार छीनने लगते हैं
  • 75जिलों की पुलिस, एसटीएफ और आईबी को कैसे देता रहा मात

अमित बिश्‍नोई

दुर्दांत अपराधी का अाखिर शुक्रवार को अंत हो गया. इसी के साथ जेल से विकास दुबे के द्वारा अपना नेक्सेस चलाने की आशंका ने दम तोड़ दिया. साथ ही तारीख पर तारीख का सिलसिला भी खत्म हो गया. लेकिन इन सबमें जो बड़ी चीज रही वो यह है कि कैसे इतने दिनों तक उसका साम्राज्य चलता रहा.उसके पॉलिटिकल कनेक्शन क्या थे.अाखिर वो कौन था जो उसकी मदद कर रहा था. 40 थानों के पुलिसकर्मी और तीन से ज्यादा राज्यों की पुलिस के साथ कैसे वह लुकाछिपी यानी हाईड एंड सीक का खेल खेलता रहा.गिरफ्तारी भी हुई तो ऐसी जगह जहां पर पहले से मीडियाकर्मी मौजूद थे. एक दिन पहले डीएम और पुलिस कप्तान महाकाल मंदिर में क्या करने गए थे.लोकतंत्र है एनकाउंटर पर सवाल तो उठेंगे ही.कैसे एक व्यक्ति जिसे 75 जिलों की पुलिस ढूंढ रही हो, एसटीएफ और आईबी को मात देता रहा. रसूखदार कैसे इसको राज्यों के बॉर्डर तक आसानी से पार कराते रहे. खुफिया तंत्र कैसे फेल रहा.सर्विलांस मुखिबर तंत्र आखिर कैसे ध्वस्त हो गया.

कौन है वो वकील जिनके इशारों पर चलता रहा
दुर्दांत अपराधी को अपने एनकाउंटर का भय था.उसने महाकाल मंदिर में सरेंडर किया. कौन थे वो मास्टरमाइंड वकील जो उसकी मदद कर रहे थे.नाटकीय गिरफ्तारी को देखकर तो यही लग रहा कि उसकी गिरफ्तारी पहले से तय थी.हर जिले में फोर्स बढ़ा दी गई जिसके चलते वह कोर्ट में सरेंडर नहीं कर सका.सूत्रों के मुताबिक, विकास का एक वकील से याराना है अपने केस की बारिकियों के बारे में वह उसी से सलाह लेता था.

क्या रहा घटनाक्रम

  • गिरफ्तारी के करीब 21 घंटे के बाद मारा गया विकास
    गुरुवार, 9 जुलाई:
    सुबह 9 बजे: विकास उज्जैन के महाकाल मंदिर में नाटकीय ढंग से अरेस्ट हुआ
    शाम 7 बजे: यूपी एसटीएफ की टीम को विकास सौंपा गया. पहले प्लेन से लाने की बात हुई
    फिर अचानक से यूपी एसटीएफ के वाहन से भेजा गया
    रात 8 बजे: एसटीएफ की टीम कानपुर के लिए रवाना.
    शुक्रवार, 10 जुलाई:
    देर रात 3:15 बजे: एसटीएफ की टीम झांसी पहुंची. कुछ देर बाद कानपुर के लिए रवाना हुई.
    सुबह 6:15 बजे: काफिले ने कानपुर देहात बॉर्डर रायपुर से शहर में एंट्री की.
    सुबह 6:30 बजे: बारिश से एसटीएफ की गाड़ी पलटी. तभी विकास दुबे ने भागने की कोशिश की.
    फायरिंग शुरू हुई. विकास जख्मी हो गया. चार पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए.
    सुबह 7:10 बजे: एसटीएफ विकास को हैलट अस्पताल लेकर पहुंची.
    सुबह 7.55 बजे: विकास को मृत घोषित कर दिया गया.

प्रश्न जिनके नहीं मिल सके जवाब

  • इतना अलर्ट फिर भी विकास कैसे पहुंच गया था उज्जैन
  • गिरफ्तारी के समय मीडिया कैसे मौजूद थी
  • विकास ने खुद बताई अपनी पहचान
  • सुरक्षा एजेंसियों को क्यों नहीं लगी भनक
  • गिरफ्तारी से पहले मॉडल जैसे फोटो किसने क्लिक की
  • गिरफ्तारी के वक्त विकास की बॉडी लैंग्वज से क्यों लगा इतना कांफीडेंट
  • कानपुर आते ही क्यों अपराधी हथियार छीनने लगते हैं
  • जब विकास को प्लेन से लाया जा रहा था तो अचानक फैसला क्यों बदला
  • विकास के साथी प्रभात के साथ भी ऐसी ही घटना घटी
  • मध्य प्रदेश पुलिस ने अाखिर क्यों पूछताछ पूरी नहीं की
  • विकास के पालीटिकल कनेक्शन को लेकर सवाल क्यों नहीं पूछा गया

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