मरने से पहले पुलिस को बताया था कि सीओ करते थे उसकी अक्सर बेइज्जती
विकास दुबे के अंतिम संस्कार उसकी पत्नी और बेटा शरीक हुआ
वेसे तो विकास दुबे की कहानी उसके एनकाउंटर के साथ ही खत्म हो चुकी है। लेकिन जिस दुबे की ताकत के सामने सब तर्रार्ते थे उसके मरने के बाद खुद उसके मा बाप ने उसके अंतिम संस्कार को भी मना करते हुए उसके शव को लेने से भी इंकार कर दिया। और यह संदेश दिया कि अपराधी चाहे कितना बड़ा हो जाए वह एक दिन पुलिस की गोली का शिकार बनने के बाद लावारिस की तरह ही रह जाता है। वही उसके पिता ने तो उसकी मौत को भी सही ठहराते हुए कहा कि पुलिस ने सही किया जो किया। हालाकी विकास की पत्नी रिचा ने भी शव को लेने से इनकार कर दिया था मगर जब उसका अंतिम संस्कार हुआ तो पुलिस रिचा को भी वहां लाई इस दौरान रिचा ने भी मीडिया कर्मियों के साथ बत्तमीजी करते हुए गालियां दी और यहां तक कहा कि जिसने जैसा किया है वैसा ही होगा।
विकास के शव को रीती रिवाज के सरकारी नियम के मुताबिक पुलिस उसके परिवार को सौंपने पहुंची थी. लेकिन पहले पत्नी ने और उसके बाद पिता ने भी शव को लेने से साफ इनकार कर दिया. पिता से बात करने पर उन्होंने कहा कि पुलिस ने विकास का एनकाउंटर करके ठीक किया। विकास के पिता उसके अंतिम संस्कार में भी नही पहुचे। विकास के बहनोई को उसका शव सोपा गया जिसके द्वारा उसका अंतिम संसकार किया गया।
पत्नी और बेटा रहे मौजूद
विकास दुबे के अंतिम संस्कार के दौरान उसकी पत्नी, बेटा मौजूद रहे. इस एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस पर जहां कुछ लोग सवाल खड़े कर रहे हैं, वहीं शहीदों के परिवारवालों ने कुख्यात अपराधी की मौत पर खुशी जाहिर की है.
एक दिन तुम्हारा भी आएगा
अंतिम संस्कार के बीच विकास दुबे की पत्नी मीडिया पर भड़क गईं.मीडियो को कई अपश्ब्द उन्होंने कहे. उन्होंने कहा, ‘एक दिन तुम्हारा भी आएगा.’ मीडिया वालों ने सवाल किया कि क्या उसने कत्ल नहीं किए थे. इस पर विकास की पत्नी ने कहा, ‘किए थे तो.’ विकास की पत्नी ने कहा, ‘जो गलती करेगा, उसको सजा मिलेगी.’ मीडिया वालों ने विकास की पत्नी से पूछा क्या आप मानती है कि आपके पति ने गलती की थी. इस पर विकास दुबे की पत्नी ने जवाब दिया, ‘हां, हां…हां.’
गांव के लोग भी नहीं पहुंचे अंतिम संस्कार में
परिवार के अलावा विकास दुबे की अंतिम यात्रा में गांव से आने के लिए भी कोई तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने गाँव वालों को इसकी जानकारी दी थी और कहा था कि जो आना चाहे आ सकते हैं, लेकिन इंतजार के बाद भी कोई नहीं पहुंचा. इसे लेकर एसपी ग्रामीण, ब्रजेश श्रीवास्तव ने कहा, “इनके लिए गांव वालों को बुलाने की कोशिश की थी, लेकिन कोई आने के लिए तैयार नहीं हुआ. इसका जो भी आपराधित इतिहास रहा उसके कारण कोई नहीं पहुंचा. जिसके बाद इसके बहनोई इसे पास के ही एक घाट पर लेकर जा रहे हैं. हमने इनके बहनोई को हमने शव हैंडओवर कर दिया है.” एसपी ग्रामीण, ब्रजेश श्रीवास्तव ने कहा,”
STF ने ऐसे किया एनकाउंटर
यूपी एसटीएफ के मुताबिक, विकास दुबे को कानपुर लाया जा रहा था इस दौरान कानपुर नगर के सचेंडी थाना क्षेत्र में कन्हैया लाल अस्पताल के सामने नेशनल हाईवे पर पहुंचते ही अचानक गाय भैंसों का एक झुंड भागता हुआ सड़क पर आ गया। जिसके चलते गायों को बचाने के लिए जवानों ने अपने वाहन को अचानक से मोड़ दिया। वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया. इसके बाद मौके का फायदा उठाकर विकास वहां से पुलिसकर्मी की पिस्तौल लेकर फरार होने लगा।पुलिस ने उसका पीछा किया उसने पुलिस पर गोली चलाई और जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गई.

