- उज्जैन से हुआ था अरेस्ट, कानपुर में हुआ
- विकास दुबे की मां ने खुद को घर में किया बंद
- पुलिस और मीडिया से परिजनों ने बनाई दूरी
कानपुर: पहले 8 पुलिसवालों को मौत के घाट उतारने के बाद 7 दिन यानी लगभग 189 घंटे तक पुलिसकर्मियों के साथ दुर्दांत अपराधी शुक्रवार सुबह का सूरज का नहीं देख सका.पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ की गाड़ी विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर वापस ला रही थी. इसी दौरान ओवरटेकर करने में रास्ते में गाड़ी पलट गई. पुलिसकर्मी घायल हो गए. मौके का फायदा उठाकर गैंगस्टर विकास दुबे ने भागने की कोशिश की. घायल पुलिसकर्मियों की पिस्टल भी उसने छीन ली और फायरिंग करने लगा. पुलिस ने भी फायरिंग की. एक गोली विकास की सीने में लग गई.घायल अवस्था में विकास को लेकर कानपुर के हैलट अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. विकास की मौत के साथ उसके सीने में दफ्न बहुत से राज खुलने से रह गए.
तारीख का सिलसिला हुआ खत्म
पुलिस महकमे में खुशी का दौर आ गया है. वहीं अपराधी खौफ में है. पुलिस के आलाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एक अपराधी मारा गया बहुत बड़ी बात है.यह अब तक क्या होता था अपराधी इसी तरह की वारदातें करते थे और सरेंडर कर के जेल में चले जाते थे और वहां से अपना साम्राज्य चलाते थे. लेकिन पहली बार ऐसा हो रहा है कि अपराधियों को हैंड टू हैंड खत्म किया जा रहा है. इसका असर यह होगा कि जो भी अपराधी होंगे, जो वारदात करते हैं और यह सोचते हैं कि जेल में जाएंगे और आराम से दस बीस वर्षों तक मुकदमा चलेगा और जीवित रहेंगे तो उनकी इस मंशा पर कहीं ना कहीं विराम लग रहा है. ऐसे में योगी सरकार बधाई की पात्र हैं, इस तरह से इनकाउंटर शुरू किए गए हैं अपराधियों पर लगाम लगेगा. पहली बार तारीख पर तारीख का सिलसिला खत्म होगा.
अखिलेश बोले, अफसोस-सरकार पलटने से बच गई
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार पटलने से बचाई गई है, गाड़ी नहीं.सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री जी आप के शासनकाल में जितने भी बदमाश अरेस्ट होते थे, वह अपनी हरकतों को अंजाम देने के बाद आराम से जेल में रहते थे और वहां से डर का माहौल बनाते थे और आप लोगों की सरकार चलाते थे.ऐसे में अब उस तरह का माहौल खत्म होता जा रहा है तो इसका दुख आपके मन में है तो इस एनकाउंटर का आप बचाव मत कीजिये मत कीजिये. हर हाल में योगी सरकार और यूपी एसटीएफ बधाई की पात्र है.
परिजनों ने खुद को घर में कैद किया
विकास की मौत की खबर मिलते ही विकास के परिजनों ने खुद को घर में कैद कर लिया. राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर में इंद्रलोक कॉलोनी स्थित घर में भाई दीप प्रकाश की पत्नी अंजलि और मां सरला को मिली तो उन्होंने खुद को घर में बंद कर पुलिस व मीडिया से दूरी बना ली. मकान के बाहर मीडिया व पुलिस का जमावड़ा लगा हुआ है.
बिकरु गांव में 2 जुलाई को हुआ था हत्याकांड
कानपुर के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या हुई थी. यह हत्याकांड देशभर में सुर्खियों में रहा.7 दिनों के बाद उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे नाटकीय ढंग से गुरुवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में मिला था.

