नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। मन की बात राष्ट्र के लिए प्रधानमंत्री का मासिक रेडियो संबोधन है, जो हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित होता है।आज का कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 78 वां संस्करण था। इस दौरान पीएम ने आगामी ओलंपिक को लेकर देश के खिलाड़ियों के संघर्ष का जिक्र किया। इस दौरान पीएम मोदी ने महान एथलीट दिवंगत मिल्खा सिंह को याद करते हुए उनके साथ बिताए अपने समय को याद किया।
टीकों पर आशंका दूर कीं
प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 78वीं कड़ी में लोगों के साथ अपने विचार साझा करते हुए टीकों को लेकर लोगों की आशंका दूर करने की कोशिश की और उनसे भ्रम में ना पड़ने एवं अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील की. इस दौरान, उन्होंने अपना और अपनी मां का जिक्र भी किया. उन्होनें कहा, ‘‘मैंने दोनों खुराक ली हैं. मेरी माताजी लगभग 100 साल की हैं. उन्होंने भी दोनों खुराक ले ली हैं, इसलिए टीकों को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं दें.”
मिल्खा सिंह का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि मिल्खा सिंह जैसे महान धावक को कौन भूल सकता है. कुछ दिन पहले ही कोरोना ने उन्हें हमसे छीन लिया. “वो खेल को लेकर इतना समर्पित और भावुक थे कि बीमारी में भी उन्होंने तुरंत ही इसके लिए हामी भर दी लेकिन, दुर्भाग्य से नियति को कुछ और मंजूर था. जब वे अस्पताल में थे, तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था. बात करते हुए मैंने उनसे आग्रह किया था.” मैंने कहा था कि आपने तो 1964 में टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, इसलिए इस बार, जब हमारे खिलाड़ी, ओलंपिक के लिए टोक्यो जा रहे हैं, तो आपको हमारे एथलिट्स का मनोबल बढ़ाना है, उन्हें अपने संदेश से प्रेरित करना है.”

