@Chanchal
जानकारों की माने तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी आ सकती है क्यूकी चीन की गिरती हुई आर्थिक वृद्धि, कोरोना के बढ़ते मामले और ओपेक+ की उत्पादन में वृद्धि के कारण कच्चे तेल की कीमत में गिरावट होने की पूरी आशंका है।
मार्किट विशेषज्ञो की माने तो कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का प्रभाव भारत में काफी हद तक पड़ेगा और यह मुमकिन है की आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 5 रूपए की गिरावट होगी। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने काफी तेज़ी से उछाल मारी है और कई शहरो में यह 100 रूपए प्रति लीटर पार कर चूका है।
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तेल के दाम बढ़ने के कारण
काफी लोगो का यह सवाल है की तेल की कीमत इस कदर क्यों बढ़ रही है? इस सवाल का उत्तर ये है कि केंद्र और राज्य, दोनों ही सरकारें पेट्रोल और डीज़ल के टैक्स पर रेवेन्यू प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से निर्भर है।
तेल के बढ़ते कीमतों पर ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा बीबीसी से कहते है, “लॉकडाउन के दौरान देश भर में पेट्रोल और डीज़ल की मांग तेज़ी से घटी है और इसलिए सरकार के रेवेन्यू में भी तेज़ी से गिरावट आई है।” हालांकि लॉकडाउन से देशभर में आर्थिक गतिविधियां काफी प्रभावित हुई है जिससे की राष्ट्रीय खजाने पर काफी गलत प्रभाव पड़ा है।
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सौगात भट्टाचार्य, एक्सिस बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री ने बीबीसी के एक इंटरव्यू में कहा, “मौजूदा वक़्त में टैक्स के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष स्रोत लगभग ख़त्म हो गए हैं, ऐसे में पेट्रोल-डीज़ल पर लगने वाले टैक्स को बढ़ाकर आर्थिक प्रबंधन ठीक करने की कोशिश की जा रही है। तेल पर टैक्स बढ़ाने के कुछ फ़ायदे भी हैं। जैसे कि इससे बेकार में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल-डीज़ल की खपत में कमी आती है।
चूंकि भारत कच्चे तेल के लिए आयात पर निर्भर है ऐसे में ये पेट्रोल-डीज़ल के बेतहाशा इस्तेमाल को फ़िलहाल बर्दाश्त नहीं कर सकता।”
कैसे हो सकती है तेल के दामों में कमी
अंतराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स का मानना है ही क्रूड ऑयल के उत्पादन में वृद्धि स्तर को मापा जा सकता है और इसके कारण ही कच्चे तेल की कीमतों में कमी आ सकती है। यह उम्मीद है की 65 डॉलर प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट होगी जिससे पेट्रोल और डीजल के दामों में भी फर्क पड़ेगा। यह संभव है की भारत में तेल के कीमतों में 5 रुपये की गिरावट देखी जाएगी।
यह खबर भारत में वाहन चालकों के लिए काफी ही खुशखबरी की बात है क्यूकी पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने आम लोगो के जीवन को काफी ज्यादा प्रभावित किया और उनके दैनिक खर्चो को काफी हद तक बढ़ाया है। जहां आम आदमी पहले से ही इतने खर्चो में डूबा हुआ है वहां पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने उसके कंधे का बोझ और बढ़ा दिया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स की माने तो आने वाले दिनों में यह बोझ थोड़ा कम हो सकता है।

