Scam In The Name Of Temple: मंदिर के नाम पर दो समिति बनाकर किया करोड़ों का घोटाला, खुली पोल तो साधी चुप्पी

उत्तर प्रदेशScam In The Name Of Temple: मंदिर के नाम पर दो समिति...

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मेरठ। थाना सदर बाजार स्थित दुर्गाबाड़ी जैन मंदिर में घोटालों की परते अब खुलती जा रही है। प्रतिदिन कोई न कोई नया मामला सामने आ रहा है। श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर समिति के नाम पर घोटालेबाजों ने दो सोसाइटी रजिस्टर्ड कराई। हैरानी की बात सोसाइटी डिप्टी रजिस्टर के यहां पर भी यह नहीं देखा गया और एक ही नाम के दो सोसाइटियों का प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। जबकि डिप्टी रजिस्ट्रार के यहां पर यह प्राथमिकता के आधार पर जांचा जाता है। इनमें से एक समिति का रजिस्ट्रेशन 1971 में हुआ जबकि दूसरी का 2003 में करवाया गया। यह कानूनी रूप से अपराध है। ऐसा करने पर जेल का प्रावधान के साथ ही एक समिति को निरस्त किया जाता है। लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ। समिति को निरस्त कराने को ना तो जैन मंदिर समिति की ओर से कोई प्रार्थना पत्र दिया गया और ना सोसाइटी डिप्टी रजिस्टर आफिस की ओर से ​इसके लिए कोई ठोस पहल की गई।

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बताया जाता  है कि 2003 में जो समिति बनाई गई वह फर्जी है और घोटालेबाजों द्वारा बनाई गई। जैन समाज के जागरूक लोगों ने इस मामले में आवाज उठाई है। आरोप है कि दशकों पुराने इस मंदिर से करीब 100 किलो सोना और 300 किलो चांदी गायब कर दी गई है। इसके आरोप मंदिर समिति पर लगाए गए हैं। इसकी लिखित शिकायत भी डिप्टी रजिस्टर सहित आलाधिकारियों को की गई। इस पर डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से जाँच भी की गई। इसमें समिति अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों को नोटिस भेजे गए।

लेकिन सरकारी नोटिस का एक भी जवाब मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा नहीं दिया गया। बताया जाता है कि मंदिन में प्रत्येक वर्ष पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जिसमें करोड़ों रुपये का चढ़ावा और दाम में आभूषण इत्यादी आते हैं। प्रतिवर्ष आने वाले इस दान के रुपये और सोना चांदी के चढ़ावे का भी हिसाब नहीं है। इस प्रकरण से जैन समाज के लोगों में रोष है। लेकिन मामला धर्म और अपने ही लोगों के साथ जुड़ा होने पर इस बारे में कोई बोलने को तैयार नहीं है।

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