पूर्व ब्लाॅक प्रमुख अजीत सिंह, पूर्व विधायक सर्वेश सीपू सिंह की हत्या में था गवाह
सरेशाम हुई गैंगवार में दोनों तरफ से चली 25-30 राउंड गोलियां, दो घायल
लखनऊ। बुधवार रात को लखनऊ के विभूतिखंड में कठौता पुलिस चैकी के सामने सरेराह हुई गैंगवार में मऊ के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख अजीत सिंह की मौत हो गयी। वहीं अजीत सिंह के साथी और वहां से गुजर रहा एक डिलीवरी ब्वाॅय गोली लगने से घायल हो गया। दोनों ओर से चली ताबड़तोड़ गोलीबारी में 25-30 राउंड फायरिंग किये जाने की बात सामने आ रही है।
मृतक अजीत सिंह पर 18 मुकदमें दर्ज हैं जिसमें पांच मुकदमे हत्या के हैं। अजीत सिंह, बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का करीबी था और आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश सीपू सिंह की हत्या में गवाह भी था।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की। बताया जा रहा है की गोली चलाने वाले दूसरे पक्ष के लोग अजीत सिंह के जानकार थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विभूतिखंड में कठौता पुलिस चैकी के सामने कठौता चैराहे पर काली स्काॅर्पियो गाड़ी से अजीत सिंह अपने साथी मोहर सिंह के साथ आये थे। गाड़ी से उतरकर अजीत सिंह और मोहर सिंह जैसे ही चले कि दो बदमाशों ने उनपर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। जवाब में अजित सिंह ने भी गोलियां चलाईं।
आमने-सामने की गोलीबारी में अजित सिंह के सिर में गोली लगने से मौत हो गयी। वहीं उनका साथी मोहर सिंह और वहां से गुजर रहे डिलीवरी ब्वाॅय आकाश भी गोली लगने से घायल हो गये। इस दौरान मौका पाकर बदमाश फरार हो गये। दोनों घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स और पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर घटना स्थल पर पहुंचे। अजीत सिंह आजमगढ़ के सगरी से विधायक सर्वेश सीपू सिंह की हत्या में गवाह थे। उनकी 19 जुलाई 2013 में हत्या कर दी गई थी। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने बताया कि लोगों से मिली जानकारी के अनुसार हमलावर अजीत के परिचित थे।
मूलरूप से गोहना मोहम्मदाबाद मऊ के रहने वाले अजीत सिंह पर 18 मुकदमें दर्ज हैं जिसमें पांच मुकदमे हत्या के हैं। आसपास के सीसी कैमरे की फुटेज में पुलिस को तीन बदमाश बाइक से भागते दिखे हैं। हालांकि बदमाशों की संख्या चार बतायी जा रही है।
अजीत सिंह के परिवार ने गुड्डू सिंह और उसके साथियों पर पूर्व ब्लाॅक प्रमुख की हत्या का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि अजीत के खिलाफ मऊ पुलिस ने 30 दिसंबर को जिलाबदर की कार्रवाई कराई थी। वह यहां गोमतीनगर विस्तार स्थित एक अपार्टमेंट में रह रहा था।

