लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने विधानमंडल सत्र से पहले आज बुधवार से 18 सितंबर तक प्रदेश सरकार के खिलाफ विधान भवन में प्रदर्शन का ऐलान किया है। सपा के इस ऐलान के पहले दिन प्रदर्शन से पूर्व ही सपा विधायकों को नजरबंद कर दिया गया। सपा प्रमुख और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के घर को पुलिस ने चारों ओर से घेर रखा है। सुबह से सपा विधायकों घर के बाहर पुलिस लगा दी गई है। समाजवादी पार्टी कार्यालय पर भारी संख्या में पुलिस तैनात है। वहीं लखनऊ में विधायक रविदास मेहरोत्रा के घर के बाहर भी पुलिस लगाई गई है।समाजवादी पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था के अलावा किसानों की समस्याओं को लेकर चैधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन करना था। प्रदर्शन से पहले सपा विधायकों के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। सपा का आरोप है कि विधायकों को घर से निकलने नहीं दिया जा रहा। पार्टी ने इसकी निंदा की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद ट्वीट कर सरकार पर आरोप लगाए हैं।



समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर उप्र की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला। सपा ने कहा कि योेगी जी आप पुलिस और सत्ता के बल और तानाशाही करके जनहित के मुद्दे पर धरना प्रदर्शन करने वाले विपक्षी विधायकों को तो रोक सकते हैं लेकिन कल जब जनता का हुजूम सड़कों पर उतरेगा तो क्या करेंगे। विपक्ष जनता की आवाज है ,इस आवाज मत दबाइए। समाजवादी पार्टी की ओर से किए दूसरे ट्वीट में कहा है कि जब निरंकुश और तानाशाह सत्ता बेकाबू होती है तो जनता बगावत अंगड़ाई लेती है। जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर आपातकाल की एक घटना दशकों पहले हुई थी। जिसने तत्कालीन सत्ता को उखाड़ फेंका था। इतिहास वापस दोहराव के मुहाने पर है। हल्ला बोल ,हल्ला बोल।

