पंजाब में बड़े लोगों की सुरक्षा वापस लेना AAP की मान सरकार को बहुत भारी पड़ रहा है, बिना समीक्षा के सिर्फ लोकप्रियता हासिल करने की नीयत से लिए गए इस फैसले से पंजाब के एक लोकप्रिय सिंगर को जान से हाथ धोना पड़ा, फैसले के खिलाफ लोग हाईकोर्ट पहुँच गए और वहां भी भगवंत मान सरकार को अदालत की फटकार खानी पड़ी क्योंकि जिन लोगों को सरकारी सुरक्षा मिली हुई थी वह लिस्ट लीक हो गयी है. अदालत द्वारा उन सभी लोगों की सुरक्षा की बहाली के आदेश दे दिए गए हैं जिन्हे मान सरकार ने एक क्रांतिकारी फैसला बताते हुए सुरक्षा वापस ली थी.
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अदालत के आदेश के अनुसार सात जून से उन सबकी सुरक्षा फिर बहाल होगी जिनकी सिक्योरिटी पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने वापस ली थी. अदालत ने यह भी कहा है की भविष्य में अगर किसी की सिक्योरिटी को वापस लिया जाता है तो पहले उसकी गहन समीक्षा की जानी चाहिए। अदालत की इस टिप्पणी ने भी उन बातों को सही साबित किया है कि यह सिर्फ एक लोकलुभावन फैसला था जिसे आम आदमी पार्टी हिमाचल और गुजरात के चुनावों में भुनाना चाहती थी
अब इसे संयोग कहिये या फिर मान सरकार कि बदकिस्मती कि केजरीवाल की सलाह पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिक्योरिटी वापसी का यह फैसला तुरत फुरत लिया, और 24 घंटे अंदर ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या हो गयी जिन्हें VIP सिक्योरिटी मिली हुई थी. दरअसल इस फैसले के पीछे साफ़ लग रहा था कि यह बिना सोचे विचारे लिया गया फैसला है. जब से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार क्राइम ग्राफ एकदम से ऊपर भगा है, प्रदेश में गैंगवार का सिलसिला एकबार फिर शुरू हो गया है. अदालत का यह फैसला AAP सरकार के लिए एक बड़ा झटका कहा जा रहा है.

