नई दिल्ली। यूरोपीय देशों में 30 प्रतिशत तक गैस की कीमतें बढ़ गई है। इसके पीछे रुस द्वारा यूरोपीय देशों के लिए गैस की आपूर्ति को कम करना बताया जा रहा है। रुस ने कई यूरोपीय देशों की गैस आपूर्ति को रोक दिया है। जिसके बाद जर्मनी सहित कई देशों चिंता बढ़ गई है। गैस के दामों 30 फीसद तक बढ़ गए हैं। इसके पीछे रूस का तर्क है कि कनाडा से उपकरणों के आने में देरी के चलते गैस आपूर्ति में कटौती की गई है। गैस की कमी के कारण यूरोप में अब अफरातफरी मची हुई है। रूस ने यूरोप जाने वाली स्ट्रीम वन पाइपलाइन वाली गैस की मात्रा में कमी कर दी है। इसका असर सीधा जर्मन और इटली के गैस उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
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रूस का कहना है कि प्लांट की मरम्मत के चलते कुछ दिनों को आपूर्ति पूरी तरह से रोकी जाएगी। अगर रुस ने ऐसा किया तो जर्मनी समेत यूरोप के अधिकांश देशों में हाहाकार मचेगा। विशेषज्ञों की माने तो रूस द्वारा गैस आपूर्ति कम करने के फैसले के पीछे राजनीतिक कारण हैं। यूक्रेन युद्ध के विरोध में यूरोपीय देशों का अमेरिका के साथ आना और रूस पर प्रतिबंध लगाना भी माना जा रहा है। ये देश यूक्रेन को हथियारों आपूर्ति कर रहे हैं।
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रूस ने इन सभी देशों को गैर मित्र घोषित करके उनसे गैस और तेल का भुगतान रूबल में करने के लिए कहा है। रूस की सरकारी गैस एजेंसी गैजप्रोम के अनुसार नार्ड स्ट्रीम वन के जरिये गैस आपूर्ति में दूसरी बार कटौती की है। गैस आपूर्ति में कमी के बाद यूरोप जाने वाली गैस मात्रा में 40 फीसद कमी आई है।

