नोएडा। सुपरटेक बिल्डर के ट्विन टावर दोपहर 2ः30 बजे जोरदार विस्फोट के साथ नौ सेकेंड में जमींदोज हो जाएंगे। देश में पहली बार अदालत के आदेश पर इतनी बड़ी इमारतों को गिराया जा रहा है। इसके लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी गई। आखिरकार जीत आम आदमी की मिली। जिसने बिल्डर की मनमानी के खिलाफ आवाज उठा भ्रष्ट तंत्र को घुटनों पर ला दिया है। दोनों टावरों की 10-10 मंजिलों पर प्राइमरी ब्लास्ट होगा। इसमें बी-1, 2, 6, 10, 14, 18, 22, 26 और 32 मंजिलें में बारूद लगाया गया है। इसके बाद दोनों टावरों की आठ मंजिलों में सेकेंडरी ब्लास्ट होगा। इसमें 4, 8, 12, 16, 20, 24, 28 और 30 मंजिल शामिल हैं। ट्विन टावर गिराने से पहले नोएडा के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। इसी के साथ एंबुलेंस की तैनाती की है। इसके अलावा लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी है।
ट्विन टावर्स गिराए जाने से पहले कुत्तों को बचाने के लिए एक संयुक्त टीम काम पर लगेगी। एनजीओ के सदस्य ने कहा कि लगभग 30-35 कुत्तों को बचाया जाएगा। पुलिस ने सेक्टर 93 ए नोएडा में ट्विन टावर्स के आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया है। 28 फरवरी 2009 को शासन ने नए आवंटियों के लिए एफएआर बढ़ाने का निर्णय लिया और पुराने आवंटियों को कुल एफएआर का 33 फीसद खरीदने का विकल्प दिया। इससे सुपरटेक को एपेक्स और सियान टावर की ऊंचाई 24 मंजिल यानी 73 मीटर तक बढ़ाने की अनुमति मिली थी। यहां तक सब ठीक था। लेकिन एक बार फिर प्लान में संशोधन कर टावरों को 40 और 39 मंजिल बढ़ाने की अनुमति मिली। इसकी ऊंचाई 121 मीटर तय कर दी गई। दोनों टावर के बीच की दूरी मात्र 9 मीटर रखी। जबकि नियम के मुताबिक कम से कम 16 मीटर की दूरी जरूरी है। इसके बाद एमराल्ड सोसाइटी के निवासियों के सब्र का बांध टूट गया।

