Gujarat Chunavi Dangal – इस साल के अंत गुजरात में विधानसभा चुनाव होने को है। पक्ष विपक्ष के बीच तना तनी जारी है। एक ओर कांग्रेस के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भाजपा का दामन थाम लिया है वही अगर हम बात कांग्रेस की करे तो वह गुजरात मे पटेल समाज को अपनी ओर करने के लिए नरेश पटेल पर दांव लगाना चाह रही थी। लेकिन नरेश पटेल ने कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और राजनीति में आने से इनकार कर दिया।
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वही अब राजनीतक गलियारों में यह यह जानने की कवायद तेज है कि आखिर नरेश पटेल ने ऐसा क्यों किया और वह क्यों कांग्रेस की डूबती नैया का सहारा नहीं बने। इस विषय पर नरेश पटेल ने इंडियन एक्सप्रेस में दिए एक साक्षात्कार में खुलकर सम्वाद किया और कहा अगर उनके कद का कोई व्यक्ति राजनीति में अब शामिल होता है तो वह किसी भी दल में शामिल हो उसे मुख्यमंत्री का पद मिलना चाहिए। नरेश पटेल ने अपने काम के दम पर पाटीदार समाज को जोड़ कर एकसाथ लाकर खड़ा कर दिया है और गुजरात की राजनीति में बड़ा परिवर्तन हुआ है।
उन्होंने कहा कोई भी नेता अगर वह जनता का दिल जीतना चाहता है तो उसे जनता के लिए खड़ा होना पड़ेगा। राजनीति में हर बार पार्टी तुम्हारा समर्थन नहीं करती तुम्हे अपनी भी एक छवि बनानी चाहिए कि जनता तुम्हे स्वीकार करे और तुम्हारे साथ राजनीति में चले। वही अगर हम पाटीदार समाज की बात करे तो उन्हें एक उम्दा चेहरा चाहिए। पाटीदार समाज का मजबूत नेता जिस पार्टी में होगा यह समाज उसी के साथ होगा। लेकिन जब किसी राज्य में बड़ा बदलाव होना होता है तो उसके लिए किसी बड़े चेहरे की आवश्यकता नहीं होती है आपको महज जनता को जीतना होता है।
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वही राजनीति में न उतरने को लेकर नरेश पटेल ने इंडियन एक्सप्रेस के इंटरव्यू में कहा, मेरे राजनीति में न उतरने से अभी हाल ही में किसी बदलाव की आशंका नहीं है। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बदलाव नहीं आएगा। क्योंकि आज जो हालत है उसके बाद परिवर्तन की हवा चल चुकी है और अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हमे बदलाव लाना चाहिए। मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ और मैं हमेशा समाज के लिए सोचता रहूंगा शायद समाज ही वह तमगा है जिसने मुझे राजनीति के दलदल में जानबूझकर धंसने से रोका।

