ज्यादा नमी वाले और गर्म मौसम में कम टिकता है कोरोना

लाइफस्टाइलज्यादा नमी वाले और गर्म मौसम में कम टिकता है कोरोना

Date:


ज्यादा नमी वाले और गर्म मौसम में कम टिकता है कोरोना

लंदन। वैज्ञानिकों ने कोविड-19 का कारण बनने वाले नोवेल कोरोना वायरस पर अलग-अलग वातावरण से पडऩे वाले प्रभाव का पता लगाया है. इस जानकारी के आधार पर वैज्ञानिकों ने यह निष्कर्ष भी दिया है कि जब-जब मौसम इस वायरस के अनुकूल होगा, तब-तब इसका संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा रहेगा. अमेरिका की मार्शल यूनिवॢसटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि नोवेल कोरोना वायरस ज्यादा नमी और अधिक तापमान वाले मौसम में कम समय तक ही टिक पाता है. इस अध्ययन को विज्ञान पत्रिका इमॄजग इन्फेक्शियस डिजीज में प्रकाशित किया गया है.

7 दिन तक चला अध्ययन
अध्ययन के लिए वायरस को सात दिन तक तीन अलग तरह के मौसम में परखा गया. इस दौरान वायरस और उसके जेनेटिक आरएनए की उपस्थिति को जांचा गया. इसमें पाया गया कि अलग-अलग परिस्थिति में वायरस 12 से 48 घंटे तक सक्रिय रह पाता है. वैज्ञानिकों ने कहा कि वायरस कम तापमान और कम नमी में ज्यादा समय तक टिका रह पाता है, जबकि गर्म और ज्यादा नमी वाले मौसम में इसका जीवन आधा रह जाता है. ऐसे मौसम में संक्रमण के प्रसार की गति धीमी पड़ सकती है. इससे एक आशंका यह भी बन रही है कि वायरस के अनुकूल मौसम होने की स्थिति में संक्रमण फिर जोर भी पकड़ सकता है.

खतरा बनी रहेंगी संक्रामक बीमारियां
एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एन95 मास्क को विसंक्रमित करने और उसके पुन: प्रयोग को लेकर भी शोध किया था. वैज्ञानिकों ने पाया था कि वाष्पीकृत हाइड्रोजन परऑक्साइड और पराबैंगनी किरणें इन्हेंं विसंक्रमित करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम हो सकती हैं. ऐसे विसंक्रमित किए हुए मास्क का दोबारा प्रयोग किया जा सकता है. वैज्ञानिकों ने कहा कि इस महामारी ने यह बता दिया है कि संक्रामक बीमारियां जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बनी रहेंगी. इसलिए इनसे निपटने की दिशा में लगातार शोध की किए जाने की जरूरत है.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related