- हाल ही में फ्लोरीडा की खाड़ी में ब्लू होल खोजा गया है
- कैल्शियम कार्बोनेट की शैलों से बने होते हैं और शेप और गहराई अलग-अगल होती है
आपको याद होगा कि पिछले महीने गोताखोरों ने फ्लोरीडा की खाड़ी में एक ब्लू होल खोजा है. वैज्ञानिक इसके बारे में और स्टडी में जुटे हुए हैं.ब्लू होल्स गहरे समुद्र में गहरे गड्ढे होते हैं. ये देखने और आकार में धरती पर पाए जाने वाले गहरे सिंकहोल जैसे गड्ढे ही होते हैं. जो कैल्शियम कार्बोनेट की शैलों से बने होते हैं. इनके आकार और गहराई अलग अलग होते हैं. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि इनमें विविध प्रकार के जीव जंतु पाए जाते हैं जिससे परिस्थितिकी और जैवविधितता के नजरिए से बहुत खास बन जाते हैं.
अभी क्यों चर्चा में हैं ब्लू होल?
पिछले सप्ताह ही गोताखोरों ने अमेरिका की फ्लोरीडा की खाड़ी की किनारे के एक बड़ा ब्लू होल खोजा है. 425 फुट गहरे इस ब्लूहोल को वैज्ञानिकों ने ग्रीन बनाना नाम दिया है. यह पानी की ऊपरी सतह के 155 फीट गहराई पर मौजूद है. एनओएए ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है.
लेकिन ब्लू होल ही क्यों?
ब्लूहोल समुद्र तल में वैसी ही स्थिति में हो सकते हैं जैसे रेगिस्तान में ओएसिस होते है. आसपास की बंजर समुद्री जमीन में वे जैवविविधता का भंडार हो सकते हैं. जिनमें शैवाल, जलशोषक जीव, घोंघे, समुद्री कछुए, शार्क आदि विविध प्रकार के जीव जंतुओं की बहुतायत हो सकती है. इनके पानी का अपना अलग ही रसायनशास्त्र होता है. ऐसा लगता है कि इनका जमीन के नीचे के पानी से संबंध होता है जिससे अलग अलग पानी की परतें बन जाती हैं.

