आगरा: आगरा में सैप्टिक टैंक के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से पांच लोगों की मौत हो गयी. आज शाम हुई इस दुर्घटना में मरने वाले मृतकों के परिजन को मुख्यमंत्री ने 2-2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश जारी किया|
बच्चे को बचाने में गयी इतनी जानें
जानकारी के अनुसार फतेहाबाद के गांव प्रतापपुरा में शौचालय के सैप्टिक टैंक के लिए 15 फीट का एक गड्ढा खोदा गया था जिसमें फिसल कर एक बच्चा गिर गया, फिर उसको बचाने के लिए एक के बाद एक चार लोग गड्ढे में कूड़े, मगर गड्ढे में जहरीली गैस का रिसाव था जिससे इतना बड़ा हादसा हो गया। अचानक हुई इस वारदात से गांव में कोहराम मच गया है। राहत कार्य के लिए टीमें आगरा से रवाना की जा चुकी हैं।
शौचालय के लिए खोदा गया गड्ढा बना काल
मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम प्रतापपुरा निवासी सुरेंद्र पुत्र किरोड़ी लाल के घर के बाहर शौचालय का गड्ढा खोदा गया था। तीन दिन पहले खोदे गए गड्ढे में पास बने एक और गड्ढे का पानी रिस कर आ गया। जिसके चलते उसमें करीब तीन फीट तक पानी भर गया। मंगलवार शाम करीब चार बजे सुरेंद्र का 10 वर्षीय पुत्र अनुराग घर के बाहर खेल रहा था। अचानक से फिसल कर वह गड्ढे में जा गिरा, उसे बचाने के लिए सुरेंद्र के दो अन्य पुत्र हरिमोहन और अविनाश भी उसमें कूद पड़े तथा वह भी बेहोश होने लगे। बताया गया है कि करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में गैस बन जाने से तीनों बेहोशी की अवस्था में आ गए। इन्हें बचाने के लिए पड़ोस में रहने वाले सुरेंद्र के चचेरे भाई सोनू ने भी गड्ढे में छलांग लगा दी। बाद में पड़ोसी योगेश पुत्र रामखिलाड़ी भी गड्ढे में उतर गया। पांचों ही गड्ढे में जाकर बेहोश हो गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को गड्ढे से बाहर निकाला तथा उपचार के लिए ले गए। जहां योगेश उम्र करीब 20 वर्ष पुत्र रामखिलाड़ी की मौत हो गई। आगरा में सोनू 25 वर्ष पुत्र रामसेवक, हरिमोहन 16, अविनाश 12, अनुराग 10 पुत्रगण सुरेंद्र की मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही विधायक जितेन्द्र वर्मा, एसडीएम सुमित सिंह, तहसीलदार सीमा भारती, प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद मौके पर पहुंच गए।

