प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास में अहम भूमिका निभाएगा यह बजट : मुख्यमंत्री

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प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास में अहम भूमिका निभाएगा यह बजट : मुख्यमंत्री

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां विधान सभा में वर्ष 2021-2022 के बजट की चर्चा में प्रतिभाग करते हुए कहा कि बजट सरकार का लेखा-जोखा मात्र नहीं होता है, बल्कि यह प्रदेश के विकास का रोडमैप होता है। प्रदेश के सर्वसमावेशी और समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए यह बजट प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान सभा सत्र के दौरान बजट पर सार्थक चर्चा के माध्यम से प्रदेश के महत्वपूर्ण विचारों को सदन में रखकर प्रदेश के विकास की कार्ययोजनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में विकास की कार्ययोजना कैसे आगे बढ़नी है, इसका भी खयाल रखा गया है। विधान मण्डल प्रदेश की लोकतांत्रिक प्रणाली का सृजन कर रहा है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता है। संकल्प लोक कल्याण व राष्ट्र कल्याण के लिए होता है। भारत की सोच है ‘स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः। गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु।।’ भारत के प्रत्येक नागरिक का संकल्प व्यक्ति का नहीं, गांव का नहीं बल्कि ‘लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु’ का होता है। हमारा संकल्प व्यक्ति के लिए नहीं, लोक के लिए होता है। हमने लोक के लिए संकल्प लिया है। हमारा लोक कल्याण संकल्प पत्र उसका आधार बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग इस बात को मानते हैं कि ‘सागर की अपनी क्षमता है, पर मांझी भी कब थकता है। जब तक सांसों में स्पन्दन है, उसका हाथ नहीं थकता है। इसके बल पर कर डाले सातों सागर पार, यही उत्तर प्रदेश के विकास का है आधार।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए जो बजट पेश किया गया है उसकी प्रशंसा प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी की गयी है। बजट ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक महामारी कोरोना फैली है। लोग कोरोना से भयभीत थे लेकिन भारत में कोरोना का प्रबन्धन अच्छे तरीके से हुआ है। 01 मार्च, 2021 से 60 साल से अधिक आयु के सभी नागरिकों को तथा विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त लोगों का वैक्सीनेशन का कार्य प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया तेजी से व अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण प्रदेश का राजस्व भी प्रभावित हुआ, जिसे वित्तीय अनुशासन के साथ पूरा किया गया। पूर्ववर्ती सरकारों के बजट में दूरदृष्टि का अभाव था। वर्तमान प्रदेश सरकार ने बजट में विजन के साथ रोडमैप दिया है, जिससे प्रदेश को नयी ऊँचाई प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 का बजट किसानों को, वर्ष 2018-19 का बजट औद्योगिक विकास, वर्ष 2019-20 का बजट मातृ शक्ति, वर्ष 2020-21 का बजट युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कार्य को समर्पित था। वर्ष 2021-22 का बजट प्रदेश के सर्वसमावेशी और समग्र विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने अच्छे बजट के लिए वित्त विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बजट का दायरा बढ़ाने का कार्य किया है। 04 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी में था। पिछले 04 वर्षाें में गांवों, नगरों, युवाओं, मजदूरों, महिलाओं के लिए, अलग-अलग तबके के लिए योजनाएं बनायीं। वर्ष 2015-16 में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में प्रदेश 14वें स्थान पर था, वहीं आज प्रदेश दूसरे स्थान पर है। प्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग अच्छी होने से बाहरी निवेश यहां आ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल शासन के चेहरे बदले हैं, तंत्र वही, सोर्स ऑफ इनकम भी वही है। हमने केवल कार्यपद्धति बदली है। लोगों के मन में एक विश्वास पैदा किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015-16 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश की पांचवीं-छठी अर्थव्यवस्था मानी जाती थी। पिछले 04 वर्षाें में उत्तर प्रदेश देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। पहले प्रदेश की जी0डी0पी0 10 लाख 90 हजार करोड़ रुपये थी, जो मात्र 04 वर्षाें में बढ़कर 21 लाख 73 हजार करोड़ रुपये की हो गयी। उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2022 में सरकार आएगी तो उत्तर प्रदेश देश की पहली अर्थव्यवस्था हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल खण्ड के दौरान लोग परेशान थे कि क्या होगा, तब हमने कहा कि आप निश्चिन्त रहिये उत्तर प्रदेश बदल चुका है। यह नये भारत का नया उत्तर प्रदेश है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ईज ऑफ लिविंग केवल जीवन की सुगमता का आधार नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने का भी आधार बना है। लोगों को आवास विद्युत कनेक्शन, राशन पोर्टेबिलिटी की सुविधा, आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का कार्य किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2022 तक गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वालों को छत मुहैया कराया जाएगा। 04 वर्ष में 40 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराया गया है। 01 करोड़ 38 लाख लोगों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिये गये हैं। हर गांव की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया गया है। इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया गया है।

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