भारत के ऐसे कई शहर हैं जिनकी पहचान सिर्फ उनका नाम ही नहीं बल्कि उनका काम और इतिहास भी है। तो आज हम उनकी के बारे में बात करेंगे
गुलाबी शहर- जयपुर

क्षेत्रफल के लिहाज़ से भारत का सबसे बड़ा राज्य है राजस्थान और इस राज्य की राजधानी है जयपुर। महाराजा सवाई जयसिंह (द्वितीय) ने 1727 में इस शहर की नींव रखी थी और उन्हीं के नाम पर इस शहर का नामकरण हुआ। 1876 में वेल्स के प्रिंस अल्बर्ट एडवर्ड जयपुर आए थे और उनके स्वागत में महाराज रामसिंह ने पूरे शहर को गुलाबी रंगवाया था। तभी से इस शहर को गुलाबी नगर के नाम से जाना जाता है और आज भी कई प्राचीन इमारतें यहां इस रंग में रंगी दिखाई पड़ती हैं।
स्वर्णिम शहर – जैसलमेर

राजस्थान के थार रेगिस्थान में स्थित जैसलमेर शहर अपनी डेजर्ट सफारी और भव्य किले के लिए प्रसिद्ध है। यह किला पीले बलुआ पत्थर से निर्मित है और शाम की रोशनी जब इस किले पर पड़ती है तो यह स्वर्णिम आभा ओढ़ लेता है। इसी कारण इसे सोनार किला भी कहा जाता है। साथ ही यहां अन्य प्राचीन इमारतें भी इसी पीले बलुआ पत्थर से निर्मित है। इसलिए इसे स्वर्णिम शहर यानी कि गोल्डन सिटी की संज्ञा दी गई है। साथ ही, अमृतसर को भी प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर के कारण गोल्डन सिटी कहते हैं।
सफेद शहर – उदयपुर

उदयपुर की स्थापना महाराणा प्रताप के पिता महाराणा उदयसिंह ने 1559 में की थी। कई खूबसूरत झीलों के कारण इसे पूर्व का वेनिस भी कहा जाता है और यहां हर वर्ष बड़ी तादाद में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। यहां पर संगमरमर से निर्मित कई अप्रतिम संरचनाए हैं और इसी कारण इस शहर को सफेद शहर की संज्ञा दी गई है।
सिल्वर शहर – कटक

उड़ीसा में स्थित यह प्राचीन शहर महानदी और उसकी सहायक नदी काठजुली के संगम पर बसा हुआ है। मध्ययुग में यह उड़ीसा राज्य की राजधानी थी। मुगलकालीन फिलिग्री कला से निर्मित चांदी, हाथी दांत और पीतल के आभूषण इस शहर की धरोहर हैं। ये आभूषण अपने अद्भुत डिज़ाइन के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। इसलिए इसे सिल्वर शहर की उपमा दी गई है।
सदाबहार शहर- तिरुवनंतपुरम

सुदूर दक्षिणी राज्य केरल की राजधानी है तिरुवनंतपुरम जिसे पूर्व में त्रिवेंद्रम के नाम से जाना जाता था। यह केरल का सबसे बड़ा शहर है और इसका इतिहास 1000 ईसा पूर्व से शुरू होता है। जब महात्मा गांधी यहां यात्रा पर आए तो उन्होंने खुश होकर इस शहर को ‘एवरग्रीन सिटी ऑफ़ इंडिया’ की उपमा ने नवाजा था, यानी कि भारत का सदाबहार शहर। इसलिए इसे सदाबहार शहर के रूप में पहचाना जाता है।

