कांग्रेस पर फूटा सिद्धू बम, सोशल मीडिया पर पोस्ट की 13 मांगे

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कांग्रेस पर फूटा सिद्धू बम, सोशल मीडिया पर पोस्ट की 13 मांगे

  • सोनिया गांधी ने दी थी मीडिया के जरिये बात न करने की हिदायत
  • पंजाब सरकार में दलितोें को पद न दिये जाने का मुद्दा भी उठाया

चंडीगढ़। राहुल गांधी से मिलने के बाद सारे गिले-शिकवे दूर होने की बात कहने वाले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 13 मांगे उठाई हैं। सिद्धू ने पत्र में यह भी कहा कि पंजाब में दलित सीएम बनने के बावजूद सरकार में अनुसूचित जाति को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। खास बात यह है कि सिद्धू ने इस पत्र को सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट भी किया है। जबकि एक ही दिन पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मीडिया के जरिये बात न करने की हिदायत दी थी।

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पंजाब में दलित सीएम बनाकर खुद को दलितोें का सर्वाधिक हितकारी बताने वाली कांग्रेस पर पंजाब प्रदेश अध्यक्ष ने ही सवाल खड़े कर पार्टी को सांसत में डाल दिया है। सिद्धू ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि पंजाब में दलित सीएम होने के बावजदू अनुसूचित जाति को सरकार में बराबरी का प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में दलित वोटरों के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने का सपना देख रही कांग्रेस को नवजोत के इस बयान से बड़ा झटका लगा है।

पंजाब का सुपर सीएम बनने का प्रयास कर रहे नवजोत सिंह सिद्धू ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में 13 मुद्दे उठाये हैं जिनमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और उनसे जुड़े गोली कांड में इंसाफ दिलाने, नशे का कारोबार करने वालों को गिरफ्तार करने, विवादित कृषि सुधार कानून लागू न करने की घोषणा करने, घरेलू उपभोक्ताओं को सस्तीया 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने, पंजाब सरकार के मंत्रिमंडल में पिछड़ी जातियों को उपयुक्त प्रतिनिधित्व देने, खाली पड़े सरकारी पद भरने, शराब पर एकाधिकार स्थापित करने, रेत खुदाई निगम बनाने, मनोरंजन और मनोरंजन टैक्स बिल 2017 को लागू करने, पंजाब के युवाओं को बस परमिट जारी करने जैसी मांगे उठायी हैं।

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पंजाब सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिये नवजोत का यह फार्मूला पार्टी को मुश्किल में डालने वाला है। अब पंजाब सरकार की बजाये सिद्धू ने पार्टी हाईकमान से ही सीधे बात करने का जो तरीका अपनाया है वह चन्नी सरकार के साथ पार्टी नेतृत्व के लिये भी परेशानी पैदा करेगा। यदि पार्टी नेतृत्व सिद्धू की बात पर पंजाब सरकार को आदेश देता है तो चन्नी सरकार के लिये यह बड़ा दबाव होगा। वहीं सिद्धू की बात पर ध्यान नहीं दिया तो सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गये मुद्दों को विपक्ष सरकार के खिलाफ इस्तेमाल करेगा। चुुनावी बेला में फूटा सिद्धू बम पार्टी को बेहद नुकसान पहुंचा सकता है।

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