तो निहंगों के दबाव के कारण हुआ योगेन्द्र यादव का निलंबन

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तो निहंगों के दबाव के कारण हुआ योगेन्द्र यादव का निलंबन

  • माना जा रहा था कि हिंसा में मृत भाजपा कार्यकर्ता के घर जाने पर की गयी थी कार्रवाई

नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा से एक महीने के लिये निलंबित किये गये योगेन्द्र यादव पर हुई कार्रवाई को लेकर नया मोड़ आया है। पहले माना जा रहा था की लखीमपुर खीरी हिंसा में मृत भाजपा कार्यकर्ता के घर जाने पर योगेन्द्र यादव को निलंबित किया गया है। मगर इस मामले में दूसरा पहलू यह सामने आ रहा है कि योगेन्द्र यादव का निलंबन बार्डर पर तैनात निहंगों के खिलाफ बयान देने के कारण हुआ है। बताया गया कि निहंगों ने किसान नेताओं पर योगेन्द्र यादव पर कार्रवाई करने का दबाव बनाया जिसके चलते उनका निलंबन किया गया।

दरसअल दशहरे के दिन सिंधु बार्डर पर पंजाब निवासी लखबीर सिंह की निहंगों ने निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के अगले दिन संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेन्द्र यादव ने हत्या करने वाले निहंगों को सजा मिलने की बात कही थी। योगेन्द्र यादव ने यह भी कहा कि निहंगों को बार्डर से हट जाना चाहिये।

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योगेन्द्र यादव के इस बयान पर संयुक्त किसान मोर्चा ने चुप्पी साध ली मगर निहंग दलों ने इस बात को गंभीरता से लिया। निहंग नेताओं ने किसान नेताओं को इस तरह की बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर बार्डर छोड़ कर जाने की चेतावनी दी थी। बताया जाता है कि निहंग नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि उनके बार्डर पर रहने के कारण ही प्रशासन धरनारत किसानों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। लेकिन जान पर खेलकर किसानों की सुरक्षा करने वाले निहंगांे के खिलाफ किसान नेताओं की बयानबाजी उन्हें स्वीकार नहीं है।

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निहंगों की धमकी के बाद बैकफुट पर आये संयुक्त किसान मोर्चा ने योगेन्द्र यादव को एक महीने के लिये मोर्चा से निलंबित कर निहंगों का मनाने का प्रयास किया है। हालांकि योगेन्द्र यादव सहित किसी भी किसान नेता ने निहंगों द्वारा दबाव बनाये जाने की बात नहीं कही है। लेकिन लखीमपुर खीरी में भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर जाकर संवेदना प्रकट करने के 10 दिन बाद संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा निलंबन की कार्रवाई करना इस संदेह की पुष्टि करता है। यदि किसान नेता योगेन्द्र यादव के भाजपा कार्यकर्ताओं के घर जाने से नाराज थे तो उन्हें इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिये थी। लेकिन निहंगों के खिलाफ बयान देने के बाद योगेन्द्र यादव पर की गयी कार्रवाई इस मामले में दबाव बनाने की ओर इशारा कर रही है।

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