- गौतमबुद्ध नगर सीएमओ के पैरों से लिपटकर रेमडेसिविर मांग रहीं थीं महिलाएं
- सीएमओ ने कहा, दोबारा इंजेक्शन मांगने आईं तो पुलिस के हवाले कर देंगे
नोएडा। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग मरीजों को उपयुक्त उपचार दिलाने, ऑक्सीजन उपलब्ध कराने और जान बचाने के लिये जरूरी रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहा है। वहीं नाकाम और हाताश प्रशासन शायद मानवीय संवेदनाओं को भी भूल चुका है। लेकिन सीएमओ के उच्च पद पर आसीन व्यक्ति, पैर पकड़ कर रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने की गुहार लगा रही महिलाओें को दोबारा इंजेक्शन मांगने आनेे पर जेल भिजवाने की धमकी दे तो निःसंदेह यह बेहद दुःखद और निंदनीय स्थिति है। सीएमओ के पद पर आसीन किसी भी व्यक्ति से यह तो उम्मीद की ही जा सकती है कि वह अपने पास आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के दुख को समझेगा और उसे आश्वासन देकर हौसला बढ़ायेगा। मगर महिलाओें से अभद्र व्यवयहार करने वाले सीएमओ का आचरण किसी अधिकारी के पद की गरिमा के अनुकुल नहीं है।
कोरोना महामारी से पूरा देश जुझ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता अपर्याप्त साबित हो रही है। वर्तमान में सीमित संसाधनों में सभी को अस्पताल में भर्ती कर इलाज नहीं किया जा सकता यह बात समझी जा सकती है। मगर देश का नागरिक होने के नाते स्वास्थ्य सेवाओं को हासिल करना और अपनी और अपने तीमारदार की जिंदगी बचाने का प्रयास करना हर व्यक्ति का अधिकार है। और स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने पास इलाज की गुहार लेकर प्रत्येक व्यक्ति को उपयुक्त उपचार उपलब्ध कराये।
मगर चंद अधिकारियों को यह लगने लगा है कि वह लोगों को उपचार उपलब्ध करा कर अहसान कर रहे हैं। शायद कोरोना वारियर्स की मिली पदवी उनके सिर पर चढ़कर बोल रही है। इसकी बानगी देखने को मिली नोएडा के सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में जहां तीन महिलाएं अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन हासिल करने के लिए भटक रही थीं। परेशान महिलाओं ने कार्यालय पहुंचे सीएमओ को देखा तो उनके पैर पकड़कर रेमडेसिविर इंजेक्शन देने की गुहार लगाने लगीं।
मगर सीएमओ ने उनकी एक न सुनी और उन्हें वहां से बाहर निकलवा दिया। महिलाओं का आरोप है कि सीएमओ ने कहा कि अगर दोबारा इंजेक्शन मांगने आईं तो पुलिस के हवाले कर देंगे। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इस घटनाक्रम का वीडियो बनाकर वाॅयरल कर दिया। इस वीडियो के वायरल होने के बार चैतरफा घिरे सीएमओ डाॅ. दीपक ओहरी ने पुलिस के हवाले करने की बात कहने से इंकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने सिर्फ यह कहा था कि उनके पास में इंजेक्शन नहीं हैं।

