- पीएम मोदी ने कहा, नेक नीयत से लाये कानून मगर किसानों को समझा नहीं पाये
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से लाये गये तीन कृषि कानून को लेकर जारी किसानों का विरोध आखिरकार मोदी सरकार को झुकाने में कामयाब रहा। आज पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन करतेे हुए तीनों कृषि कानूूनों को वापस लेने की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार नेक नीयत के साथ तीनों कृषि कानून लेकर आयी थी मगर हम इनके फायदों को किसानों को समझाने में नाकाम रहे।
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पीएम मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन करते हुए देशवासियों को देव दीपावली और प्रकाश पर्व और डेढ़ साल बात करतारपुर साहिब काॅरिडोर फिर से खुलने की बधाई दी। विवादित कृषि कानूनों की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि काश्तकारों के हित में सरकार नेक नीयत के साथ ये कानून लेकर आयी थी। मगर तमाम प्रयासों के बावजूद हम कुछ किसानों को कानून लागू होने पर होने वाले फायदों को समझा नहीं पाये।
किसानों को समझाया गया, बातचीत की, कानून के जिन प्रावधानों पर किसानों को ऐतराज था उन्हें बदलने के लिये भी सरकार तैयार हो गयी। पीएम मोदी ने कहा आज गुरु नानक देवजी का पवित्र पर्व है और यह किसी को दोष देने का उचित समय नहीं हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मैं पूरे देश को बताने आया हूूं कि हमने तीनों कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया है। इसी महीने में हम संवैधानिक प्रक्रिया पूरी कर कानून वापस लेंगे।
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किसान कल्याण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैंने किसानों की परेशानियों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को बेहद करीब से देखा है। देश मे मुझे पीएम के तौर पर सेवा करने का मौका दिया तो हमने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
किसानों के हित में लगातार प्रयासरत सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। देश के किसानों के हित में तीन कृषि कानून लाए गए थे ताकि देश के किसानों को खासकर छोटे किसानों को फायदा हो सके। काफी समय से यह मांग देश में उठायी जा रही थी। कृषि कानूनों पर संसद में चर्चा-मंथन करने के बाद कानून लाये गये। लेकिन हम कुछ किसानों को समझा नहीं पाए। उन्होंने कृषि कानूनों का समर्थन करने वाले किसान संगठनों का आभार व्यक्त किया।

