मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई की आड़ में पार्टी टिकट हासिल करने की थी चाह
गाजियाबाद। राजनीतिक लाभ के लिये सपा नेता उम्मेद पहलवान ने प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैला कर नेतागीरी चमकाने की कोशिश की थी। नगरपालिका चुनाव और विधानसभा चुनाव में टिकट लेने के लिए सपा नेता ने न सिर्फ मनगढ़ंत कहानी गढ़ी बल्कि बुजुर्ग को भी अपने मन मुताबिक बयान देने को कहा। ताबीज विवाद को मजहबी रंग देकर उसने प्रदेश को दंगे में झोंकने की पूरी कोशिश की थी। मगर वक्त रहते उसकी गिरफ्तारी नये राज खोलती जा रही है।
मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद को पीटने और दाढ़ी काटने के फर्जी मामले में पुलिस ने सपा नेता उम्मेद पहलवान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार उम्मेद पहलवान ने स्वीकार किया है कि आगामी नगरपालिका चुनाव और विधानसभा चुनाव में टिकट लेने के लिए ये मनगढ़ंत कहानी बनाई। राजनीतिक लाभ उठाने के लिये उसने मुस्लिम बुजुर्ग के ताबीज विवाद को धार्मिक विवाद का रूप देकर फेसबुक लाइव किया। लोनी बाॅर्डर इलाके में काफी रुतबा रखने वाले सपा नेता ने जानबूझकर लोनी बाॅर्डर थाने में ही मुकदमा दर्ज करवाया था। मुकदमें में घटनास्थल लोनी बाॅर्डर बताया गया, जबकि घटना बंथला में अन्य आरोपी प्रवेश गुर्जर के घर हुई थी। जाहिर है कि सपा नेता पुलिस में अपने प्रभाव का भी इस्तेमाल कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई के बार उम्मेद पहलवान ने उनसे संपर्क कर अपने मन-मुताबिक बयान दिलाया और झूठी शिकायत लिखवाई। इस दौरान सपा नेता पुलिस को बुजुर्ग तक पहुंचने से रोकता रहा। वह बुजुर्ग के पास बुलंदशहर गया और उसके बाद उन्हें लेकर दिल्ली भी गया था। जब सपा नेता उम्मेद पहलवान को अपनी साजिश का फाश होने का अंदेशा हुआ तो उसने अपराध के सबूत मिटाने के लिये अपने मोबाईल फोन से की गयी सारी चैट्स को डिलीट कर दिया।
गाजियाबाद पुलिस ने उसका व्हाट्सऐप रिकार्ड हासिल करने के बाद अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म से भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। माना जा रहा है कि सोशल मीडिया रिकार्ड मिलने के बाद कई अन्य बड़े नाम भी सामने आयेंगे जो इस साजिश में शामिल होकर प्रदेश को दंगे की आग में भड़काने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस उम्मेद के संपर्क में आने वाले लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
पिलखुवा में चोरी करने वाला बन गया सपा नेता
पुलिस के अनुसार मूल रूप से दहदा गांव पिलखुवा का रहने वाले सपा नेता उम्मेद पहलवान के खिलाफ 7 मुकदमें दर्ज हैं। एक जमाने में वह पिलखुवा में चोरी किया करता था। बाद में वह गाजियाबाद के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष औलाद अली के संपर्क में आया तो उम्मेद ने उनका शार्गिद बनकर राजनीति शुरू कर दी। रालोद से राजनीति की शुरूआत करने वाले उम्मेद की किस्मत सपा ज्वाॅइन करने के बाद चमक गयी और वह सफेदपोश नेता बन गया। 2016 में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का मनोनीत सदस्य रहने वाले उम्मेद ने तीन शादियां की हुई हैं।

