- कोरोना से इकलौते बेटा-बेटी को खोने वाले असहाय वृद्धों को दी जायेगी पांच हजार रुपये महीना पेंशन
- कोरोना के कारण अपना पति खोने वाली महिलाओं को नौकरी कर परिवार संभालने का अवसर दिया जायेगा
मेरठ। कोरोना की दूसरी लहर ने अनेक परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले बेटा या बेटी को खोकर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे वृद्धों की मदद करने का निर्णय आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने लिया है।
परिवार के लिये कमाने वाले बेटा या बेटी का निधन हो जाने पर असहाय रह गये मेरठ निवासी वृद्धजनों के परिवार को आईआईएमटी विश्वविद्यालय की ओर से पांच साल तक पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जायेगी।
वहीं कोरोना की दूसरी लहर के कारण अपने पति को खोने वाली मेरठ में रहने वाली महिलाओं को आईआईएमटी विश्वविद्यालय की ओर से उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जायेगी। इससे आर्थिक समस्याओं का सामना करने वाले परिवार को मदद मिल सकेगी। आईआईएमटी विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे पचास परिवारों की मदद की जायेगी।
सामाजिक सरोकार के कार्य करने में अग्रणी आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने कोरोना की दूसरी लहर (1 अप्रैल 2021 से) के दौरान परिवार के इकलौते और कमाने वाले बेटा या बेटी को खोने वाले वृद्धजनों (70 वर्ष या उससे अधिक आयु) और अपना पति को खो देने वाली महिलाओं की मदद करने का निर्णय लिया है।
आईआईएमटी समूह के चेयरमैन श्री योगेश मोहनजी गुप्ता ने बताया कि कोरोना के कारण अनेक परिवारों ने अपने परिवार का इकलौता कमाने वाले बेटा/बेटी को खो दिया है। ऐसे में आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने निर्णय लिया है कि मेरठ के रहने वाले 70 साल से अधिक आयु के ऐसे वृद्धजन जिन्होंने अपना इकलौते बेटा या बेटी को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में खो दिया है उन्हें आगामी पांच साल तक 5 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जायेगी।
मेरठ में अनेक महिलाएं हैं जो कोरोना की दूसरी लहर में अपना पति खो चुकी हैं। इन महिलाओं को भी उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी देकर परिवार को संभालने का अवसर दिया जायेगा। आईआईएमटी विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे पचास परिवारों की मदद की जायेगी।
आईआईएमटी समूह के महाप्रबंधक श्री मयंक अग्रवाल जी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में अपने इकलौते कमाने वाले बेटा-बेटी या कमाने वाले पति को गंवाने के बाद असहाय महसूस कर रहे परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न न हो यही हमारा प्रयास है।
वृद्धजनों को पेंशन और महिलाओं को नौकरी देने का निर्णय ऐसे परिवारों को सहारा देने के लिये लिया गया है। कोरोना काल में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने और उनकी मदद करने का आईआईएमटी विश्वविद्यालय पूर्ण प्रयास कर रहा है।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे पचास परिवारों की मदद की जायेगी। असहाय वृद्धजन और महिलाएं पेंशन और नौकरी पाने के लिये सुनील शर्मा, मीडिया प्रभारी, आईआईएमटी से मोबाइल नंबर 9927067646 पर संपर्क कर सकते हैं। आईआईएमटी विश्वविद्यालय की ओर से बनायी गयी कमेटी अपने समक्ष आये प्रत्येक आवेदन की जांच करने के पश्चात उपयुक्त परिवार/महिला की मदद करने का प्रयास करेगी।

