- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा, मैं और मेरा बेटा नहीं थे मौके पर वरना हो जाती हत्या
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में किसानों के बीच में कुछ उग्रवादी और आतंकवादी छिपे थे जिन्होंने हमारे लोगांे पर हमला किया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का कहना है कि मेरा बेटा मौके पर नहीं था वरना उसकी हत्या कर दी जाती। मिश्रा ने किसी भी प्रकार की जांच में सहयोग देने की बात कही है।
लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने अपने बेटे आशीष मिश्रा पर लगाये जा रहे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मैं और मेरा बेटा मौके पर मौजूद नहीं थे।
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हमारे लोग उप मुख्यमंत्री को रिसीव करने जा रहे थे कि किसानों के बीच छिपे उग्रवादी-आतंकवादियों ने उन्हें गाड़ी से उतारकर मारा। हमारे कार्यकर्ताओं पर इन्हीं संदिग्ध लोगों ने तलवारों और लाठियों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गयी। वायरल वीडियो में हमारे कार्यकर्ताओं से यह कहलवाने का प्रयास किया जा रहा है कि मैने किसानों को कुचलने के लिये कहा था।
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अजय मिश्रा ने कहा कि हिंसा में मारे गये लोगों में से एक बहराइच के नानपारा का रहने वाला था और एक प्रदर्शनकारी समाजवादी पार्टी की रुद्रपुर इकाई के जिलाध्यक्ष हैं। ऐसे ही कई लोग मौके पर मौजूद थे जिनकी जांच होनी चाहिये। उन्होेंने कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के लिये जो भी लोग जिम्मेदार हैं उनको गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिये। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा की वह इस मामले की सीबीआई, न्यायिक अथवा एसआईटी जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

