अमेरिका के ओहायो राज्य में पुलिस ने एक जर्जर घर से एक ही परिवार के 16 बच्चों को बचाया है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चे बेहद गंदगी में रह रहे थे और बुरी तरह कुपोषित थे। कई बच्चे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। वहीं, 18 साल की मानसिक रूप से दिव्यांग लड़की अपना नाम तक नहीं लिख सकती थी। इस मामले में बच्चों के माता-पिता और दादा-दादी समेत चार लोगों के खिलाफ बच्चों को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया गया है।
ओहायो के अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने बताया कि पुलिस एक दूसरे मामले की जांच के लिए तलाशी वारंट लेकर घर पहुंची थी। अधिकारियों को पहले यह नहीं पता था कि घर के अंदर 16 बच्चे मौजूद हैं। जब पुलिस ने घर की तलाशी ली तो वहां का हाल देखकर सभी हैरान रह गए। जांच में पता चला कि बच्चों का कभी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया था और परिवार के बाहर बहुत कम लोगों को उनके बारे में जानकारी थी।
अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों की उम्र डेढ़ साल से 18 साल के बीच है। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पिछले करीब चार साल से सभी बच्चों को लगभग 12×12 फीट के एक छोटे कमरे में रखा जा रहा था। कमरे और घर के आसपास मानव मल फैला हुआ था और हर तरफ गंदगी थी। विंटन काउंटी के शेरिफ रयान केन ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा।
हालांकि घर में कोई पिंजरा नहीं मिला, लेकिन अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि बच्चों को कमरे के अंदर किस तरह रखा जाता था।
अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने बताया कि कई बच्चे सामान्य रूप से बात भी नहीं कर पा रहे थे। 18 साल की मानसिक रूप से दिव्यांग लड़की अपना नाम तक नहीं लिख सकती थी। उन्होंने कहा कि बच्चों की हालत बेहद खराब थी। बच्चों को बचाने के बाद सात बच्चों को इलाज के लिए कोलंबस के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से दो बच्चों को हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई थी, जबकि बाकी बच्चों को भी इलाज और विशेष देखभाल की जरूरत है।
विंटन काउंटी के अभियोजक विलियम आर्चर ने बताया कि चारों वयस्कों पर बच्चों को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में सेकेंड-डिग्री फेलोनी चाइल्ड एंडेंजर्मेंट का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी बच्चों को ओहायो डिपार्टमेंट ऑफ जॉब्स एंड फैमिली सर्विसेज की देखरेख में रखा गया है।
आरोपियों के नाम गैरी साइडर्स जूनियर, गैरी साइडर्स सीनियर, क्रिस्टीना साइडर्स और एलिजाबेथ साइडर्स हैं। बुधवार को सभी को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी ओर से दोषी न होने की दलील दर्ज की और प्रत्येक की जमानत तीन लाख अमेरिकी डॉलर तय की। फिलहाल किसी आरोपी के लिए वकील नियुक्त नहीं किया गया है।
जांच में सामने आया है कि यह परिवार पिछले करीब 20 साल से दक्षिणी ओहायो के अलग-अलग इलाकों में रह रहा था। अधिकारियों का कहना है कि परिवार ने जानबूझकर बच्चों के मेडिकल रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेज नहीं बनवाए, ताकि किसी को उनके बारे में पता न चल सके। यह भी जांच की जा रही है कि क्या पहले कभी इस परिवार की शिकायत किसी बाल संरक्षण एजेंसी तक पहुंची थी।
जिस घर से बच्चों को बचाया गया, वह हैमडेन गांव में रेलवे लाइन के पास स्थित है। घर के आसपास घने पेड़ और झाड़ियां होने के कारण वह काफी अलग-थलग था। घर के बाहर टूटे टायर, बच्चों की टूटी साइकिलें, प्लास्टिक की मेज, हाई चेयर और अन्य सामान बिखरा मिला। पड़ोसी जोसेफ स्टीवर्ट ने बताया कि उन्होंने कभी भी इस घर के बच्चों को बाहर खेलते नहीं देखा।
इस मामले की जांच अभी जारी है।

