17 साल की उम्र में रखा था ग्लैमर की दुनिया में कदम, 67 की उम्र में कर रहीं रंगमंच पर वापसी

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न्यूज डेस्क: 80 का दशक टेलीविजन का सुनहरा दौर था। उसी दौर का एक यादगार शो था यह जो है जिंदगी। इस पारिवारिक कॉमेडी में रेनू वर्मा का किरदार निभाने वाली स्वरूप सम्पत को आज भी लोग उनके किरदार के लिए जानते हैं। महज 17 साल की उम्र में मिस इंडियां का खिताब जीतकर मॉडलिंग के बाद ऐक्टिंग की दुनिया में छा जाने वाली स्वरूप संम्पत आज 67 की उम्र में हैं। इन दिनों स्वरूप एक बार फिर से चर्चा में हैं क्योंकि एक लंबे समय के बाद वह रंगमंच पर वापसी कर रही हैं। 22 से 24 मई को दिल्ली में अनुपम खेर के साथ नाटक जाने पहचाने अंजाने में मंच पर नजर आएंगी। मॉडलिंग, थिएटर के बाद टीवी की दुनिया से स्टारडम पाकर फिल्मों में भी पहचान बनाने वाली स्वरूप सम्पत के बारे में जानते हैं।

मिस यूनिवर्स में इंडिया को रिप्रेजेंट किया

स्वरूप सम्पत साल 1979 में मिस इंडिया बनीं और उसी साल उन्होंने इंडिया को मिस यूनिवर्स ब्यूटी पेजेंट में भी रिप्रेज़ेंट किया था। मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद मॉडलिंग में किस्मत आजमाई। महज 18 साल की उम्र में वह हर ब्रांड की पहली पसंद बन गई थीं। कुमकुम ‘श्रृंगार’ बिंदिंयां का भी यादगार चेहरा रही हैं स्वरूप। मॉडलिंग के बाद उन्होंने कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग भी की। जब उनकी मुलाकात शफी ईनामदार, परेश रावल जैसे कलाकारों से हुई तो उन्होंने भी ऐक्टिंग का रुख किया और थिएटर से जुड़ गईं। रंगमंच करते हुए उन्हें टीवी शो का ऑफर मिला और यह शो था ‘ये जो है जिंदगी’ संपत ने अपने टीवी करियर की शुरुआत इसी शो से की थी। यह सीरियल सुपरहिट रहा और स्वरूप संपत स्टारडम की नई ऊंचाइयां छूने लगीं। इसके बाद उन्होंने ‘ये दुनिया गजब की’, ‘ऑल द बेस्ट’ और ‘शांति’ जैसे कई टीवी शोज किए।

फिल्मों में भी कमाई शोहरत

स्वरूप कई फिल्मों में भी नजर आईं। वह ‘हिम्मतवाला’, ‘लोरी’, ‘नरम गरम’, ‘करिश्मा’, ‘की ऐंड का’ और ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी फिल्मों का हिस्सा भी रहीं। करिश्मा फिल्म में उनके बिकनी अवतार ने उन्हें बोल्ड अदाकाराओं की लिस्ट में शामिल कर दिया था। अपने करियर के पीक पर ही स्वरूप ने बॉलिवुड एक्टर परेश रावल से प्रेम विवाह किया था। पिछले काफी वक्त से ऐक्टिंग से दूर रहकर स्वरूप संपत ने स्पेशल एजुकेशन में पीएचडी पूरी की और दिव्यांग बच्चों को एजुकेशन दे रही हैं। वह एक ट्रेनर हैं और देशभर के शिक्षकों के लिए वर्कशॉप भी चलाती हैं ताकि बच्चों के भविष्य को संवारा जा सके।

कई अवॉर्ड से नवाजी गईं

स्वरूप संपत का नाम विश्व प्रसिद्ध वारकी फाउंडेशन के ग्लोबल टीचर प्राइज़ के लिए भी चुना गया था। यह अवॉर्ड पूरी दुनिया में सिर्फ 10 लोगों को दिया जाता है और स्वरूप सम्पत उन 10 चुने गए लोगों में से एक थीं। स्वरूप सम्पत को इस अवॉर्ड के लिए उनके अनूठे टीचिंग मैथड की वजह से चुना गया था। ऐक्टिंग से दूर रहकर एजुकेशन फील्ड में अलग पहचान बनाने वाली स्वरूप काफी समय बाद रंगमंच पर वापसी कर रही हैं। इस बारे में वह कहती हैं कि मुझे अब काम और अच्छे किरदारों के लिए स्टगल नहीं करना है। वह मैं कर चुकी हूं। मैं अपनी समाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में खुश हूं। लेकिन जब एक अच्छा काम और अच्छे लोगों के साथ मंच साझा करने का मौका आया तो मैंने इसे स्वीकार कर लिया। यह नाटक एक म्यूजिकल कॉमेडी-ड्रामा है जो आधुनिक रिश्तों, अकेलेपन और पहचान की तलाश पर आधारित है। इस नाटक का प्रीमियर दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में 22 से 24 मई तक होगा।

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