महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले विपक्षी कांग्रेस के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को हैक किये जाने के आरोप को मुख्य चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र और झारखंड में दोपहर में होने वाले चुनाव की तारीखों की घोषणा पर बोलते हुए कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, ”महाराष्ट्र में विपक्ष को ईवीएम के बजाय पेपर बैलेट से वोटिंग पर जोर देना चाहिए। अन्यथा महाराष्ट्र में भाजपा सरकार और चुनाव आयोग कुछ भी कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर पेजर से छेड़छाड़ की जा सकती है तो ईवीएम से भी छेड़छाड़ की जा सकती है। ”अगर इजरायल पेजर और वॉकी-टॉकी के इस्तेमाल से लोगों को मार सकता है तो ईवीएम कहां है?
कांग्रेस नेता ने कहा, प्रधानमंत्री के इजरायल के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। इजरायल ऐसी चीजों में माहिर है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘ईवीएम का बड़ा खेल कहीं भी हो सकता है और उसके लिए भाजपा चुनाव से पहले यह सब खेल खेलती है।” इन आरोपों को मुख्य चुनाव आयुक्त ने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि राजीव कुमार ने कहा कि जनता बड़ी संख्या में मतदान करके जवाब देती है। उन्होंने कहा, “ईवीएम पूरी तरह से विश्वसनीय हैं। सौ फीसदी छेड़छाड़-रहित हैं, जिसे मैं पहले भी कई बार दोहरा चुका हूं।”
बता दें कि मुख्या चुनाव आयुक्त ने महाराष्ट्र और झारखण्ड विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए दिल्ली के विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में दोपहर 3.30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होगा जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी, 2025 को समाप्त होगा।

