राहुल गाँधी के अमेठी की जगह रायबरेली से चुनाव लड़ने के फैसले पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया आ गयी है. प्रधानमंत्री ने आज पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही ये भी बता दिया था कि शहजादे वायनाड में हार के डर से अपने लिए दूसरी सीट खोज रहे हैं। अब इन्हें अमेठी से भागकर रायबरेली सीट चुननी पड़ी है। ये लोग घूम-घूम कर सबको कहते हैं – डरो मत! मैं भी इनसे यही कहूंगा कि डरकर भागो मत!. हालाँकि प्रधानमंत्री ने इससे पहले यही कहा था कि राहुल गाँधी वायनाड से भागकर अमेठी वापस जा रहे हैं लेकिन राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री मोदी और स्मृति ईरानी दोनों की बातों को गलत साबित करते हुए अमेठी की जगह रायबरेली से चुनाव लड़ने का फैसला किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आज इस फैसले के बाद अपने पहले के बयान को बदलते हुए कहा कि राहुल गाँधी वायनाड में हार के डर से अपने लिए दूसरी सीट खोज रहे हैं, खैर बातों को बदलना तो राजनेताओं का काम होता है.
प्रधानमंत्री ने इसके अलावा बंगाल की चुनावी सभा में चुनाव को साम्प्रदायिक रंग देते हुए कहा कि इन वोट के भूखे लोगों की पहले 2 चरणों में लुटिया डूब चुकी है। अब ये खुलेआम एक नया खेल लेकर आए हैं। अब ये कहते हैं कि मोदी के खिलाफ वोट जिहाद करो। जिहाद क्या होता है, ये हमारे देश के लोग भली-भांति जानते हैं। हमारे देश में दशकों से ये वोट जिहाद का खेल पर्दे के पीछे चलता था, चुपचाप चलता था। पहली बार वो इतने हताश और निराश हो चुके हैं कि अब वोट जिहाद की अब सार्वजनिक घोषणा कर रहे हैं। इसीलिए, वोट जिहाद की इस अपील पर कांग्रेस का शाही परिवार, TMC का परिवार और Left का परिवार चुप है।
पीएम मोदी ने कहा कि वो पिछले 10 दिन से लगातार कांग्रेस को 3 चुनौतियां दे रहा हूं, लेकिन वो मौन होकर बैठ गए हैं। उनकी पहली चुनौती है – कांग्रेस और INDI गठबंधन वाले देश को लिखित में विश्वास दें कि वे धर्म के आधार पर आरक्षण में, संविधान में कोई भी परिवर्तन नहीं करेंगे। दूसरी चुनौती है – ये लिखित में देश से वादा करें कि SC/ST, OBC का आरक्षण छीनकर धर्म के आधार पर किसी को नहीं बाटेंगे। तीसरी चुनौती है – वो लिखित में दें कि जहां इनकी राज्य सरकारें हैं, वहां OBC का कोटा काटकर, धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण नहीं दिया जाएगा।

