कांग्रेस की गारंटियाँ: सवाल भरोसे का है

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अमित बिश्नोई

ये लोकसभा चुनाव गारंटियों का है. पहले जनता से वादे किये जाते थे मेनिफेस्टो के रूप में जिसका स्वरुप पिछले विधान सभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने बदल दिया और वादे की जगह गारंटी देने लगी. वोटरों को भी गारंटी पसंद आयी और कर्नाटक, हिमाचल और तेलंगाना में कामयाबी भी हासिल की, अलबत्ता मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस की गारंटियों पर भरोसा नहीं किया, वहां पर भाजपा की गारंटियों पर लोगों ने भरोसा दिखाया। उन्हें लगा केंद्र में सत्ता रूढ़ पार्टी की गारंटी ज़्यादा भरोसेमंद है. तो कांग्रेस के बाद भाजपा को भी वादे और संकल्प की जगह गारंटी शब्द लुभाने लगा और इस चुनाव में भाजपा की गारंटी मॉडिफाई होकर मोदी की गारंटी बन गयी. बात भी सही है, इस समय भाजपा का मतलब ही मोदी है , मोदी जी को हटा दीजिये तो भाजपा में बचता क्या है?

तो जनाब ये चुनाव अब मोदी की गारंटी बनाम कांग्रेस पार्टी की गारंटी के बीच हो रहा है. इसी सन्दर्भ में कल कांग्रेस पार्टी ने गारंटी के रूप में युवा न्याय गारंटी की घोषणा की. कांग्रेस पार्टी ने देश की सबसे ज्वलंत समस्या बेरोज़गारी और नौकरी को इस चुनाव का हथियार बनाया है, इससे पहले वो भारत जोड़ो न्याय यात्रा में जातिगत जनगणना का मुद्दा लगातार उठा रही है. 90 बनाम 10 प्रतिशत के भेदभाव को जनता को समझा रही है लेकिन युवा न्याय गारंटी की बात थोड़ी अलग है क्योंकि ये सीधे उन मुद्दों से जुड़ी हुई है जो देश के युवाओं के भविष्य के बारे बाते करती है. संक्षेप में कल घोषित कांग्रेस पार्टी की पांच नयी गारंटियों की बात करें तो सबसे प्रभावी गारंटी पहली पक्की नौकरी नज़र आ रही है जिसके लिए कानून बनाकर युवाओं को अधिकार दिया जायेगा और इस अधिकार के तहत एक साल की अप्रेंटिसशिप मिलेगी जिसके दौरान युवाओं को 8500 रूपये महीना मिलेगा। इस योजना को सरकारी संस्थाओं और प्राइवेट कम्पनीज में लागू किया जायेगा। सवाल उठता है कि कैसे, तो जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार देश में पहले से मौजूद अप्रेंटिसशिप एक्ट में बदलाव किया जाएगा और देश की उन एक लाख प्राइवेट कंपनियों को शामिल किया जायेगा जिनका टर्नओवर 5 करोड़ रूपये है. इस योजना के तहत आने वाले खर्च को सरकार और कपनियां आधा आधा वहन करेंगी। प्राइवेट कंपनियों को एक साल के लिए कम खर्च में एक साल के लिए स्किल्ड लेबर मिलेगा तो उन्हें इसपर कोई ऐतराज़ नहीं होगा।

दूसरी गारंटी भर्ती भरोसा की है. देश में अभी 30 लाख नौकरियां खाली हैं जिन्हें भरा जायेगा यानि 30 लाख लोगों की पक्की नौकरी और इसके बाद जितनी भी भर्तियां निकलेंगी उनको भर्ती परीक्षा के नोटिफिकेशन से लेकर एक समय सीमा के अंदर सारी प्रक्रिया को पूरा किया जायगा जो सरकारी नौकरियों में भर्ती का भरोसा होगा। युवाओं की एक और ज्वलंत समस्या पेपर लीक है, इसके लिए भी कांग्रेस पार्टी ने गारंटी दी है कि कानून बनाकर इसे रोका जायेगा। भर्ती परीक्षा को पारदर्शी बनाया जायेगा। पूरी भर्ती परीक्षा से आउटसोर्सिंग को हटाया जायेगा और सरकार ही भर्ती परीक्षा की ज़िम्मेदारी लेगी। इसमें आगे और भी बहुत सी डिटेल हैं. एक और गारंटी युवा रौशनी है जिसमें स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जायेगा और हर ज़िले में इसके लिए एक फण्ड होगा जो 40 वर्ष से कम उन युवाओं को मदद करेगा जो अपना रोज़गार शुरू करना चाहेंगे। और पांचवीं गारंटी गिग कर्मियों के लिए है, गिग कर्मी जैसे ओला, ऊबर, स्वीगी, जोमैटो में काम करने वाले लोग, उनको कानून बनाकर सामाजिक सुरक्षा दी जाएगी, ये सामाजिक सुक्षा उनकी वर्किंग कंडीशन को बेहतर करने के लिए, उनके लिए पेंशन की व्यवस्था करने की होगी.

अब सवाल उठता है गारंटियों के भरोसे का जो सबसे अहम बात है. यहाँ देखने वाली बात ये भी है कि कांग्रेस पार्टी की ये गारंटियाँ बहुत अच्छी हैं मगर सवाल इन गारंटियों के इम्प्लीमेंटेशन का आता है. क्या ये गारंटियां इम्प्लीमेंट हो पाएंगी, क्या ऐसा संभव है कि सबको पहली नौकरी मिले, पक्की नौकरी मिले, रोज़गार के लिए फण्ड मिले, पेपर लीक से छुटकारा मिले। कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने के बाद क्या ऐसा कर पायेगी। वोटर्स को इन गारंटियों पर कितना भरोसा होगा, क्योंकि इन गारंटियों को पूरा करने के लिए कांग्रेस पार्टी को सत्ता में होना भी चाहिए और वोटर जब इन गारंटियों पर भरोसा करके सत्ता में लाएगी तभी तो वो इन गारंटियों को पूरा कर पायेगी। ये बात मैं इसलिए भी कह रहा हूँ कि 2019 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी एक न्याय योजना लाई थी जिसमें सभी लोगों को सालाना 70 हज़ार रूपये देने की बात कही गयी थी लेकिन वोटर ने भरोसा मोदी पर जताया, उनके वादों पर जताया।

एक और सबसे अहम बात क्या मोदी जी वोटर्स को कांग्रेस पार्टी की गारंटियों पर विश्वास करने देंगे, ये सवाल बहुत सीधा हैं मगर इसमें बहुत कुछ छिपा हुआ है। अभी मोदी जी पूरे देश में घूम घूम कर लोगों के दिमाग़ में एक ही बात बिठा रहे हैं कि गारंटी सिर्फ वही पूरी कर सकते हैं , वो पांच किलो अनाज, उज्ज्वला योजना , हर घर नल और बहुत सी गारंटियों का ज़िक्र करते हैं जो पूरी की जा चुकी हैं, वो लोगों से कहते हैं कि गारंटी का मतलब ही मोदी की गारंटी है, क्योंकि मोदी जो कहता वो पूरा करता है. पब्लिक की एक सोच भी होती है, उसे जो व्यक्ति दे रहा होता है उसकी बात पर ज़्यादा भरोसा करती है. मोदी जी सत्ता में हैं इसलिए उनकी बात पर भरोसा करने के चांसेस भी ज़्यादा हैं, बावजूद इसके कि कांग्रेस पार्टी की ये गारंटियां क्रांतिकारी हैं , ईमानदारी से प्रयास किये जांय तो पूरी भी की जा सकती हैं मगर बात अंत में आकर बात भरोसे पर टिकती है, इसलिए लाख टके का सवाल यही है कि क्या वोटर्स कांग्रेस की युवा न्याय गारंटी पर भरोसा करेगा ?

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