जबसे अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने की शुरुआत हुई है यहाँ की ज़मीने सोना उगलने लगी है , मतलब राम की नगरी में प्रॉपर्टी के दाम आसमान छूने लगे हैं , अब यहाँ प्रॉपर्टी खरीदना आम आदमी के बस की बात नहीं। राम की इस नगरी के सारी ज़मीनों का कमर्शियलाइजेशन हो चूका है. राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या अध्यात्म और धार्मिक पर्यटन स्थल होने साथ ही कमर्शियल हब बन जायेगा। रोज़ाना हज़ारों लोगों का अयोध्या आना जाना होगा, ठहरना होगा, शॉपिंग करनी होगी, कहने का मतलब हर तरफ विकास ही विकास होगा। यही वजह है कि यहाँ पर ज़मीनों की कीमतें पहले की तुलना में चार गुना मंहगी हो चुकी हैं क्योंकि सभी को मालूम है कि अयोध्या अब प्रदेश के सबसे बड़े शहरों में शुमार होने वाला है.
यहाँ इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी, बड़े बड़े सरकारी और प्राइवेट प्रोजेक्ट्स अयोध्या को और बड़ा बना रहे हैं इसी वजह से रियल स्टेट्स में डिमांड तेज़ी से बढ़ी है। डिमांड की बात करें तो सुप्रीम कोर्ट में जब राम मंदिर के पक्ष में फैसला आया था उसी समय ही अयोध्या की ज़मीनों के दाम में 30 प्रतिशत तक इज़ाफ़ा हो गया था, इसके बाद जैसे जैसे राम मदिर का काम आगे बढ़ा, प्रॉपर्टी के दाम भी बढ़ते रहे और ज़मीनों के मालिक करोड़पति बनते रहे. आज हालत ये है कि अयोध्या के करीब आपको ज़मीन मिलना ही मुश्किल है. कह सकते हैं प्रभु राम की कृपा अयोध्या के ज़मीन मालिकों पर खूब बरसी।
बता दें कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही राम मंदिर का उद्घाटन होना है. इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गयी हैं। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी समेत देश के बड़े बड़े संत, राजनेता, फ़िल्मी हस्तियां, समाज के विभिन्न क्षेत्र की विभूतियाँ अयोध्या में मौजूद होंगी। बताया जा रहा है कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए 7000 लोगों को निमंत्रण भेजा गया है।

