Bank News: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने एक बार फिर पहली तिमाही में अच्छा मुनाफा कमाया है। देश के 12 सरकारी बैंकों का चालू वित्त वर्ष 2023—24 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून अवधि में कुल लाभ 34,774 करोड़ रुपए रहा। यह एक साल पहले की समान तिमाही के 15,306 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुना से अधिक है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पहली तिमाही में अच्छा लाभ प्राप्त किया है। 12 सरकारी बैंकों का चालू वित्त वर्ष 2023—24 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2023 की अवधि में कुल मुनाफा 34,774 करोड़ रुपए है। जो कि एक साल पहले की समान तिमाही के 15,306 करोड़ रुपए के मुकाबले दोगुना से अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार, चार बैंकों ने 100 प्रतिशत से अधिक लाभ अर्जित किया है। शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़ने से बैंकों का मुनाफा बढ़ा है। अधिकतर बैंकों का मार्जिन 3 प्रतिशत से अधिक रहा है। इनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र मार्जिन सबसे अधिक 3.86 प्रतिशत रहा है। सेंट्रल बैंक का मार्जिन 3.62 प्रतिशत और इंडियन बैंक का 3.61 प्रतिशत रहा है।
एसबीआई को ऐतिहासिक लाभ
पंजाब नेशनल बैंक ने सबसे अधिक चार गुना लाभ कमाया। जो 1,255 करोड़ रहा है। वहीं एसबीआई का लाभ अभी तक तिमाही में सबसे अधिक रहा है। एसबीआई ने 178 प्रतिशत वृद्धि के साथ 16,884 करोड़ का लाभ कमाया। जो कि सरकारी बैंकों के कुल लाभ का 50 प्रतिशत है। पांच बैंकों का लाभ 50-100 प्रतिशत के बीच रहा है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र भी शीर्ष पर है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र का शुद्ध लाभ 95 प्रतिशत बढ़कर 882 करोड़ रुपए हो गया है। अप्रैल-जून 2023 तिमाही में बैंकों ने 34,774 करोड़ का लाभ कमाया है। जबकि पंजाब एंड सिंध बैंक का इस बार लाभ घटा है। यह 25 प्रतिशत तक गिरकर 153 करोड़ रुपए रह गया है।
एमएसएमई को बैंक कर्ज बढ़ोतरी में गिरावट
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को चालू वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून अवधि में बैंक कर्ज वृद्धि में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है। आरबीआई के मुताबिक, जून में मध्यम उद्योगों को दिए जाने वाले कर्ज में 13.2 प्रतिशत (पिछले साल 47.8%) और सूक्ष्म व लघु उद्योगों को दिए कर्ज में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जून के अंत में मध्यम उद्योगों का बैंक कर्ज 2,63,440 करोड़ था। एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण बैंक छोटे व्यापारियों को कर्ज देने से बचना चाहते हैं।

