उदयपुर। उदयपुर में हो रहा कांग्रेस का चिंतन शिविर में पार्टी को मुख्य धारा में लाने पर कम और भाजपा सरकार की कमजोरियों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। आज चिंतन शिविर में पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने भाजपा की केंद्र सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों का भी केंद्र से विश्वास खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है उनके वित्त मंत्रियों ने भी जीएसटी केा लेकर चिंता व्यक्त की थी। इससे केंद्र को भी अवगत कराया था। लेकिन केंद्र ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
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उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में लाना गलत है। पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा कि इस सरकार के तहत ऐसा होने की संभावना नहीं है। वर्तमान सरकार के पास पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने के लिए राज्यों को मनाने के लिए रास्ता बनाने का कोई मौका नहीं। देश में ईंधन की कीमतों में वृद्धि के लिए सरकार यूक्रेन-रूस युद्ध को जिम्मेदार बता रही है। यह सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ कीमतों के बढ़ाने के अलावा और कुछ नहीं कर सकती है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी मुआवजे की अवधि को बढ़ाया जाना चाहिए। चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी से निपटने के लिए केंद्र के पास कोई ठोस प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि बाहरी स्थिति ने देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। लेकिन इस सरकार के पास इससे निपटने का कोई तरीका नहीं है। पिछले सात महीने में देश से 22 अरब का मुद्रा भंडार घट गया। विदेशी मुद्रा भंडार 36 अरब डॉलर कम हो गया। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था स्थिति इस समय चिंता का विषय है। धीमी विकास दर भाजपा सरकार की पहचान है। मुद्रास्फीति अप्रत्याशित स्तर तक बढ़ती जा रही है।
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